झारखंड के गिरिडीह जिले में होली का खुशी का पर्व दो परिवारों के लिए मातम में बदल गया. जमुआ प्रखंड के चांदडीह स्थित संगम घाट पर गोदावरी नदी में नहाने गए दो युवक गहरे पानी में डूब गए. चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने दोनों के शव निकाले लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
जानकारी के अनुसार दोनों युवक अपने साथियों के साथ होली खेलने के बाद नहाने के लिए संगम घाट गोदावरी नदी पहुंचे थे. नहाते-नहाते दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए. साथ गए साथियों ने बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. मृतकों की पहचान चतरो निवासी संजय साव के 18 वर्षीय पुत्र करन साव और चतरो निवासी कृष्णा विश्वकर्मा के 17 वर्षीय पुत्र दीपक विश्वकर्मा के रूप में हुई है.
4 घंटे की मशक्कत के बाद निकले शव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से दोनों को निकालने का प्रयास शुरू किया. इसकी सूचना जमुआ थाना और देवरी थाना पुलिस को दी गई. पुलिस भी मौके पर पहुंची. चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों ने चेक डैम के गहरे पानी से दोनों युवकों के शव बाहर निकाले. दोनों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, NDRF न आने पर सवाल
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन और NDRF की टीम समय पर पहुंचती तो दोनों युवकों की जान बचाई जा सकती थी. लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही जिसके कारण दोनों की जान चली गई. स्थानीय लोगों ने वरीय अधिकारियों से ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है. परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल छाया हुआ है.