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Delhi News: स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर दवा बाजारों पर छापेमारी, 20 लाख से ज्यादा की इंसुलिन जब्त

दिल्ली में दवाओं की गुणवत्ता और स्टोरेज व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त नजर आ रही है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने राजधानी के होलसेल दवा बाजारों में छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया. इस दौरान 6 होलसेल दवा फर्मों की जांच की गई. अधिकारियों ने स्टोरेज व्यवस्था, दवाओं के रिकॉर्ड और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की जांच की.

जांच के दौरान पता चला कि 6 में से 4 फर्में दवाओं के स्टोरेज और रिकॉर्ड रखने से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रही थीं. कई जगह दवाओं की खरीद से संबंधित सही दस्तावेज मौजूद नहीं थे. इसके अलावा कुछ पैकेट ऐसे भी मिले जिन पर “इंस्टीट्यूशनल सप्लाई” का निशान मिटाया गया था. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में दवाओं की आपूर्ति और बिक्री की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं.

बड़ी मात्रा में इंसुलिन दवाएं मिलीं

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में इंसुलिन दवाएं भी मिलीं. इनमें ट्रेसिबा फ्लेक्सटच, ग्लैरिटस कार्ट्रिज, ह्यूमलॉग मिक्स क्विकपेन, एपिड्रा सोलोस्टार और टूजियो सोलोस्टार जैसी दवाएं शामिल थीं. जांच के दौरान कुल 2104 यूनिट इंसुलिन जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 6 हजार 24 रुपये बताई जा रही है.

कोल्ड चेन का नहीं किया जा रहा था पालन

सबसे गंभीर मामला यह सामने आया कि दो फर्में इंसुलिन जैसी संवेदनशील दवाओं को सामान्य कमरे के तापमान पर रख रही थीं. जबकि इंसुलिन को सुरक्षित रखने के लिए ठंडे तापमान वाली “कोल्ड चेन” में रखना जरूरी होता है. यदि इसे सही तापमान पर न रखा जाए तो दवा की प्रभावशीलता कम हो सकती है और मरीजों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है.

दो फर्मों के खिलाफ केस दर्ज

ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीर मानते हुए दो फर्मों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और ड्रग्स रूल्स 1945 के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही जब्त की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सरकार ने दी सख्त चेतावनी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार दवाओं के स्टोरेज और वितरण पर कड़ी निगरानी रख रही है. यदि कोई भी व्यक्ति जीवन रक्षक दवाओं से जुड़े नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

डायबिटीज मरीजों के लिए इंसुलिन बेहद जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लाखों मरीज रोजाना इंसुलिन पर निर्भर हैं. इसलिए इन दवाओं को सही तापमान पर रखना और सुरक्षित तरीके से मरीजों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है. इसी वजह से सरकार समय-समय पर दवा बाजारों में जांच अभियान चलाती रहती है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और असरदार दवाएं मिल सकें.

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