दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक बड़े ड्रग्स सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी के पास से 405 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी पहले सेकंड हैंड (Second Hand) कारों की खरीद-फरोख्त का काम करता था, लेकिन काम छूटने के बाद वह ड्रग्स के काले कारोबार में उतर गया.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, एंटी नारकोटिक्स सेल को 29 और 30 मार्च की दरम्यानी रात एक गुप्त सूचना मिली थी. सूचना थी कि एक युवक कश्मीरी गेट इलाके में ड्रग्स की बड़ी खेप की डिलीवरी देने आने वाला है. पुख्ता सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने आईएसबीटी (ISBT) कश्मीरी गेट के सामने सार्वजनिक शौचालय के पास जाल बिछाया. सुबह करीब 3:30 बजे मुखबिर के इशारे पर एक मारुति स्विफ्ट कार को रोका गया. पुलिस को देखते ही कार चला रहे युवक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे तुरंत धर दबोचा.
धारा 21 के तहत मामला दर्ज
तलाशी के दौरान उसके पास से 405 ग्राम हेरोइन बरामद हुई. आरोपी की पहचान दिल्ली के ख्याला निवासी चिराग के रूप में हुई है. पुलिस ने ड्रग्स की सप्लाई में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है और कश्मीरी गेट थाने में NDPS एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी चिराग ने कई अहम खुलासे किए, आरोपी ने बताया कि वह पहले सेकंड हैंड कारों का बिजनेस करता था, लेकिन 3-4 महीने पहले उसने यह काम छोड़ दिया था. आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने जल्द पैसा कमाने के लिए ड्रग्स सप्लाई का रास्ता चुन लिया. चिराग ने कबूला कि वह यह हेरोइन रघुबीर नगर के रहने वाले श्याम नाम के व्यक्ति से लेकर आया था और इसे कश्मीरी गेट के पास किसी अज्ञात व्यक्ति को सौंपने वाला था.
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले के मुख्य सप्लायर (श्याम) की सरगर्मी से तलाश कर रही है और इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है.