दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को क्रिप्टो करेंसी बेचने का लालच देकर बुलाता था और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराकर नकदी लूट लेता था. दिल्ली पुलिस की टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान अनीश खान, सौद आलम, मोहम्मद हारून और अब्दुल कादिर उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है. इनके कब्जे से लूट की रकम में से हजारों रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम आरोपी
दिल्ली पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 24 फरवरी को सराय रोहिल्ला निवासी एक व्यक्ति को सस्ती दर पर क्रिप्टो बेचने का झांसा देकर नेताजी सुभाष प्लेस बुलाया. वहां पहुंचने पर आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसे डराया और जबरन नकदी लूटकर फरार हो गए. शुरुआत में मामला स्नैचिंग का लगा, लेकिन पीड़ित के पूरक बयान के बाद खुलासा हुआ कि यह पूरी तरह से प्लान की गई लूट थी.
दिल्ली पुलिस को CCTV और मुखबिरों से मिले सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल टीम बनाई. CCTV फुटेज और गाड़ियों की जांच के जरिए सबसे पहले अनीश खान की पहचान हुई, जिसे 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया. बाद में बाकी तीन आरोपी भी नेताजी सुभाष प्लेस इलाके से पकड़े गए, जहां वे कथित तौर पर अगली वारदात की तैयारी कर रहे थे.
नकली पुलिस के गैंग का नेटवर्क दिल्ली से मुंबई तक
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह एक संगठित इंटरस्टेट गिरोह है, जिसके सदस्य दिल्ली और मुंबई दोनों जगह सक्रिय हैं. आरोपी लोगों को क्रिप्टो डील के बहाने बुलाकर पुलिस का डर दिखाते थे और लूट को अंजाम देते थे. जांच में मुंबई के विष्णु, निलेश और दिल्ली के बाबा सुलेमानी नामक आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है, जो फिलहाल फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
पुराने अपराधों में भी शामिल हैं ये आरोपी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से 3 पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. अनीश खान थाना आदर्श नगर का घोषित बैड कैरेक्टर है और उसके खिलाफ लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और चोरी सहित कई केस दर्ज हैं.