हज 2026 की पवित्र यात्रा को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं. दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकाल को छह माह का विस्तार मिलने के बाद 12 मार्च को विस्तारित कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें हज यात्रियों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही रामलीला मैदान में हज कैंप की तैयारियों का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया.
छह माह के विस्तार के बाद हुई पहली अहम बैठक
दिल्ली सरकार के 9 मार्च को जारी राजपत्र (असाधारण) के माध्यम से दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकाल को आगामी छह माह के लिए बढ़ाया गया है. इसी विस्तार के बाद 12 मार्च को विस्तारित हज कमेटी की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें हज 2026 की तैयारियों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया.
इस बैठक में हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां, मेंबर नाजिया दानिश (निगम पार्षद), मेंबर मोहम्मद साद, हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी और उप कार्यकारी अधिकारी मोहसिन अली ने भाग लिया. बैठक के दौरान हज यात्रियों की सुविधा, प्रस्थान व्यवस्था और कैंप संचालन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
रामलीला मैदान में हज कैंप की तैयारियों का संयुक्त निरीक्षण
हज व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए राजस्व विभाग दिल्ली सरकार (मुख्यालय) के उपायुक्त एवं मध्य जिला के डीएम जी. सुधाकर के नेतृत्व में दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान का संयुक्त निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान दिल्ली नगर निगम, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार विभाग, दिल्ली पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
संयुक्त निरीक्षण के दौरान सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हज यात्रियों की सुविधा से जुड़े सभी आवश्यक कार्य तेजी से पूरे किए जाएं. अधिकारियों को कहा गया कि रामलीला मैदान में हज कैंप से संबंधित सभी व्यवस्थाएं आगामी अप्रैल के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
18 अप्रैल से शुरू होगी हज यात्रा, 20 मई तक चलेगी प्रक्रिया
हज 2026 की यात्रा 18 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई तक जारी रहेगी. इस दौरान दिल्ली स्टेट हज कमेटी की व्यवस्थाओं के अंतर्गत दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 22 हजार हज यात्री दिल्ली से पवित्र हज यात्रा के लिए उड़ान भरेंगे. यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आवास व्यवस्था को लेकर सभी संबंधित विभागों द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं.