अगर आपके घर मे घरेलू नौकर काम करते है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. दरअसल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी और मुखिया गैंग के सरगना राहुल उर्फ दहुर उर्फ राजू मुखिया को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को दिल्ली के द्वारका इलाके के नांगली से पकड़ा गया.
पुलिस के मुताबिक राहुल मुखिया बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में घरों में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह को चला रहा था. उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से तीन मामलों में अदालत ने उसे घोषित अपराधी घोषित कर रखा था.
घरों को रेकी करने के बाद घरेलू नौकर बनाकर करते थे चोरी
पुलिस जांच में सामने आया है कि राहुल मुखिया का गिरोह बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था. गिरोह के सदस्य पहले ऐसे घरों की तलाश करते थे जहां पैसे वाले परिवार रहते हों और जिन्हें घरेलू नौकर या नौकरानी की जरूरत हो. इसके बाद गिरोह के पुरुष और महिला सदस्य खुद को घरेलू नौकर या मेड बनाकर उन घरों में काम करने लगते थे. कुछ समय तक परिवार का भरोसा जीतने के बाद वे घर के सदस्यों की दिनचर्या, नकदी और गहनों की जगह जैसी अहम जानकारी अपने साथियों तक पहुंचा देते थे. जब सही मौका मिलता जैसे परिवार का बाहर जाना या घर खाली होना तब गिरोह के अन्य सदस्य आकर लाखों-करोड़ों रुपये के गहने और नकदी लेकर फरार हो जाते थे.
दिल्ली पुलिस ने ख़ुफ़िया सूचना पर बिछाया जाल
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को पिछले कुछ समय से राजधानी में संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों के बढ़ने की जानकारी मिल रही थी. इसके बाद एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड को सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का काम सौंपा गया. पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि राहुल मुखिया नांगली इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद 30 मार्च को पुलिस ने इलाके में जाल बिछाया और निगरानी के दौरान उसे दबोच लिया.
1 करोड़ तक की चोरी के आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी कई बड़ी चोरी की वारदातों में शामिल रहा है. 2016 में राजौरी गार्डन में डॉक्टर प्रवेश मिगलानी के घर चोरी की वारदात में करीब 25 से 30 लाख रुपये के गहने और नकदी चोरी हुए थे. 2014 में गुरुग्राम के DLF फेज-2 में एक महिला को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया था और घर से करीब 1 करोड़ रुपये के गहने और नकदी चोरी कर ली गई थी. इन मामलों में राहुल मुखिया और उसके साथियों की भूमिका सामने आई थी.
कई बार गिरफ्तारी, फिर भी कोर्ट में नहीं हुआ पेश
पुलिस के मुताबिक राहुल मुखिया पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और उसके पास से चोरी का माल भी बरामद हुआ था. लेकिन हर बार जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं होता था और फरार हो जाता था. इसी वजह से अदालत ने उसे कई मामलों में घोषित अपराधी घोषित कर दिया था.
ऐसे बना अपराध की दुनिया का सरगना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है. वर्ष 2006 से 2011 के बीच वह अलग-अलग घरों में केयरटेकर का काम करता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात रामसुख नाम के व्यक्ति से हुई. दोनों ने मिलकर उन घरों को निशाना बनाना शुरू किया जहां उनके परिचित घरेलू नौकर के रूप में काम करते थे. धीरे-धीरे राहुल ने घरेलू नौकरों और नौकरानियों का एक बड़ा नेटवर्क बना लिया और इसी के जरिए अलग-अलग राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा.
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर उसके पूरे गैंग और नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है. पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में कई और लोग शामिल हैं जो अलग-अलग राज्यों में घरेलू नौकर बनकर घरों की रेकी करते थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राहुल मुखिया की गिरफ्तारी से घर में काम करने वाले कर्मचारियों के जरिए होने वाली संगठित चोरी की कई वारदातों का खुलासा हो सकता है.