दिल्ली मेट्रो एक बार फिर वैश्विक चर्चा में है. इस बार वजह बनीं भारत में नॉर्वे की राजदूत, जिन्होंने अपने पहले मेट्रो सफर के अनुभव को दुनिया के सामने इस अंदाज़ में रखा कि हर कोई इसकी तारीफ करने पर मजबूर हो जाए.
वीकेंड के दौरान भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने दिल्ली मेट्रो में अपनी पहली यात्रा की. इस खास मौके को उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. तस्वीरों और छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स के जरिए उन्होंने अपने अनुभव को लोगों तक पहुंचाया.
खान मार्केट से वायलेट लाइन तक दिखी मेट्रो की रफ्तार.
शेयर किए गए वीडियो में राजदूत खान मार्केट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर दो से प्रवेश करती नजर आती हैं. वहीं दूसरी क्लिप में वायलेट लाइन की तेज रफ्तार ट्रेन को कैमरे में कैद किया गया, जो कश्मीरी गेट की ओर बढ़ती दिख रही है. उनकी तस्वीरों में झलकती खुशी इस सफर की खासियत खुद बयान कर रही थी.
“तेज, साफ और शानदार”-राजदूत ने बांधे तारीफों के पुल
मे-एलिन स्टेनर ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह उनका दिल्ली मेट्रो में पहला सफर था और अनुभव बेहद शानदार रहा. उन्होंने मेट्रो को तेज, स्वच्छ और शहर घूमने का बेहतरीन माध्यम बताया. साथ ही यह भी कहा कि उन्हें यह सफर पहले ही कर लेना चाहिए था और अब वह इसे दोबारा जरूर अपनाएंगी.
पहले भी विदेशी मेहमानों को भा चुकी है दिल्ली मेट्रो
दिल्ली मेट्रो का आकर्षण केवल आम यात्रियों तक सीमित नहीं है. इससे पहले जनवरी में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची भी मेट्रो का अनुभव ले चुके हैं. उन्होंने केंद्रीय सचिवालय से पटेल चौक तक यात्रा कर इसकी आधुनिक तकनीक और सुविधाओं की सराहना की थी.
अंतरराष्ट्रीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल भी कर चुका है सफर
अक्टूबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े 32 देशों के सैन्य प्रतिनिधियों ने भी दिल्ली मेट्रो की सवारी की थी. इस दौरान उन्होंने राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन के बीच अलग-अलग मेट्रो लाइनों का अनुभव लिया और इसकी कार्यप्रणाली की तारीफ की.
वायलेट लाइन पर खास यात्रा, सेना प्रमुख भी रहे साथ
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ केंद्रीय सचिवालय से लाल किला तक वायलेट लाइन पर सफर किया. इसमें ऑस्ट्रेलिया, इटली और फ्रांस समेत कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. सभी ने मेट्रो की सुविधाओं और संचालन क्षमता को सराहा.
Tried the Delhi Metro for the first time this weekend! 🚇 Fast, clean & super-efficient. A fantastic way to get around in Delhi. Should have done this sooner! Will definitely use it again. @OfficialDMRC @DelhiGovDigital @CMODelhi @tourism_delhi #MetroDiaries #PublicTransportWins pic.twitter.com/7aI5cG2qVO
— Ambassador May-Elin Stener (@NorwayAmbIndia) March 16, 2026
आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के लिए भी अहम योगदान
दिल्ली मेट्रो न सिर्फ सुविधा और गति के लिए जानी जाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है. डीएमआरसी के मुताबिक, नेटवर्क में 300 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें 4, 6 और 8 कोच शामिल हैं. खास बात यह है कि ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ तकनीक के जरिए यह परियोजना कार्बन क्रेडिट हासिल करने वाली दुनिया की पहली रेल प्रणाली बन चुकी है.
दिल्ली मेट्रो बनी ग्लोबल स्टैंडर्ड का प्रतीक
लगातार मिल रही अंतरराष्ट्रीय सराहना यह साबित करती है कि दिल्ली मेट्रो अब सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी विकास का प्रतीक बन चुकी है. विदेशी प्रतिनिधियों से लेकर आम यात्रियों तक, हर कोई इसकी सुविधा, स्वच्छता और दक्षता का कायल नजर आता है.