उत्तराखंड में होली की रौनक अब बाजरों में दिखने लगी है. देहरादून की सड़कों पर रंग-गुलाल की दुकानें सजने लगी हैं, बाजार गुलजार होने लगे हैं. लेकिन इस उत्सव की तैयारी सिर्फ आम जनता ही नहीं कर रही, जिला प्रशासन देहरादून भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. जिलाधिकारी सविन बंसल ने साफ कर दिया है कि इस बार होली के दौरान तीन मोर्चों पर एक साथ नजर रखी जाएगी.
यह सुनने में भले ही रुटीन लगे, लेकिन जो तीन मुद्दे डीएम ने उठाए हैं. वे दरअसल हर साल होली के बाद सुर्खियां बनते हैं. रंगों से आंखें जलना, खाने में मिलावट से अस्पताल भर जाना, और त्योहार वाले दिन सड़कों पर घंटों फंसे रहना. ये तीनों समस्याएं अब प्रशासन की प्राथमिकता में हैं.
जहरीले रंगों पर लगाम-लोगों से सावधान रहने की अपील
बाजार में मिलने वाले सस्ते रंग अक्सर केमिकल से भरे होते हैं. चमकीले दिखने वाले ये रंग त्वचा में एलर्जी, आंखों में जलन और कभी-कभी गंभीर रासायनिक नुकसान पहुंचाते हैं. डीएम सविन बंसल ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिए हैं कि हानिकारक और मिलावटी रंग बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाए
.बाजार में चैकिंग टीमें उतारी जा रही हैं जो यह सुनिश्चित करेंगी कि जो रंग बिक रहा है, वह मानकों के अनुरूप हो. प्रशासन की यह पहल इसलिए भी जरूरी है क्योंकि देहरादून एक बड़ा शहर है और यहां होली के दिन लाखों लोग रंग खेलते हैं. एक भी मिलावटी खेप बाजार में रही तो नुकसान बड़ा हो सकता है.
ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जारी
होली के दिन देहरादून की सड़कों पर जो हाल होता है, वह यहां रहने वाले हर शख्स को पता है. एक तरफ होल्यारों की टोलियाँ, दूसरी तरफ बाजार की भीड़ और ऊपर से दोपहिया-चौपहिया वाहनों की भरमार. यह सब मिलकर कई चौराहों को घंटों के लिए जाम कर देते हैं.
इस बार डीएम ने यातायात विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं. संवेदनशील चौराहों और बाजार क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा. भीड़भाड़ वाले इलाकों में रूट मैनेजमेंट पर खास ध्यान देने को कहा गया है ताकि त्योहार की खुशी किसी की परेशानी न बने.
मिलावटी खाने पर कड़ी नजर
डीएम सविन बंसल ने जिस तीसरी बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया, वह है खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट. होली के मौसम में गुजिया, मठरी, ठंडाई और मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है, और जहां मांग बढ़ती है, वहां मुनाफाखोर मिलावट का रास्ता अपनाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में होली के बाद देहरादून के अस्पतालों में फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आते रहे हैं.
इस बार प्रशासन ने पहले से ही खाद्य सुरक्षा विभाग को सक्रिय कर दिया है. मिठाई की दुकानों, फेरीवालों और बड़े प्रतिष्ठानों, सभी पर अचानक छापेमारी और नमूना जांच का सिलसिला शुरू किया जा रहा है. जो दुकानदार मिलावटी सामान बेचते पाए जाएँगे, उन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है.