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Dehradun News: विकासनगर में साइबर ठगी, रिटायरमेंट के पैसों के नाम पर लगाया 31 लाख का चूना

उत्तराखंड के देहरादून में विकासनगर से एक सनसनीखेज साइबर ठगी का मामला सामने आया है. यहां  रिटायरमेंट के पैसों को सुरक्षित निवेश करने के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 31 लाख रुपये ठग लिए गए. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.एक महीने के अंदर जालसाजों ने अलग-अलग रकम निकलवाकर जमा करवा ली. जब ठगी का एहसास हुआ तब तक काफी देर हो चुकी थी.

घटना की शुरुआत 5 जनवरी 2026 को हुई, जब मलूकावाला निवासी विनोद कुमार के पास एक अनजान नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को आरबीआई (RBI) का अधिकारी बताया. उसने बड़ी ही चालाकी से विनोद को विश्वास में लिया और कहा कि उनकी एक पुरानी पॉलिसी के पैसे रिलीज होने वाले हैं, जो फिलहाल रुके हुए हैं. जालसाजों ने इस रकम को खाते में ट्रांसफर करने के लिए ‘कैपिटल गेन टैक्स’ और अन्य सरकारी शुल्कों के नाम पर पैसे जमा करने का जाल बुना.

किश्तों में ठगे 31 लाख

पीड़ित विनोद कुमार शातिर ठगों के झांसे में इस कदर फंस गए कि उन्होंने एक महीने के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में भारी-भरकम राशि ट्रांसफर कर दी. 7 जनवरी को पहली किश्त के रूप में 4,78,600 रुपये बरेली स्थित यस बैंक के एक खाते में भेजे गए, 15 जनवरी को दूसरी बार में 9,40,000 रुपये नोएडा के उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में जमा किए गए. इसके बाद एजेंट ने रकम कम होने का बहाना बनाकर 94,500 रुपये और जमा करवाए, 23 जनवरी को बॉन्ड दिखाने के नाम पर फिर से 9,86,800 रुपये वसूले गए. 28 जनवरी को आखिरी बार 10,58,000 रुपये की मांग की गई, जिसे पीड़ित ने सच मानकर जमा कर दिया. कुल मिलाकर, आरोपियों ने विनोद कुमार से 30,79,400 रुपये की ठगी कर ली.

फोन बंद हुआ तब खुला राज

जालसाजों ने वादा किया था कि 3 फरवरी तक सारी रकम पॉलिसी के पैसों के साथ वापस आ जाएगी. लेकिन जब 31 जनवरी को विनोद ने जानकारी लेने के लिए उन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो सभी नंबर बंद मिले. ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई. मानसिक तनाव से गुजर रहे पीड़ित ने पहले बैंक और फिर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस की कार्रवाई

विकासनगर पुलिस ने धारा 318(4) BNS (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की जांच उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह पंवार को सौंपी गई है. पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था.

सावधानी ही बचाव है

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें. कोई भी बैंक या सरकारी संस्थान फोन पर टैक्स या शुल्क के नाम पर पैसा जमा करने की मांग नहीं करता है.

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