रंगों का त्योहार होली इस बार देहरादून के कुछ युवाओं के लिए बुरे सपने में बदल गया. हरिद्वार बाईपास रोड पर स्थित नीरजा ग्रीन वैडिंग प्वाइंट में होली का जश्न मना रहे एक समूह पर अचानक कुछ दबंग युवकों ने हमला बोल दिया. मारपीट इतनी बर्बर थी कि एक युवक के सिर पर कांच की बोतल तोड़ दी गई, महिलाओं के साथ बदतमीजी की गई और जान से मारने तक की धमकी दी गई.
जानकारी के अनुसार, शालीन एंकलेव, बद्रीपुर रोड जोगीवाला निवासी आयुष बंगारी अपने दोस्तों श्रेयांश, अक्षत, अरिहंत और कुछ महिला मित्रों के साथ होली का जश्न मनाने नीरजा ग्रीन वैडिंग प्वाइंट पहुंचे थे. हालांकि देखते ही देखते महोल बिगड़ गया, करीब तीन बजे कुछ लड़के वहां हुड़दंग करने लगे और देखते ही देखते आयुष के समूह के ऊपर चढ़ बैठे. आयुष का कहना है कि जब उन्होंने और उनके साथियों ने इसका विरोध किया तो हालात और बिगड़ गए. विरोध करना जैसे उन दबंगों को और भड़का गया. उन्होंने पहले धक्का-मुक्की शुरू की, फिर गाली-गलौज पर उतर आए और उसके बाद नौबत सीधे मारपीट तक पहुंच गई.
युवक के सिर पर बोतल फोड़ महिलाओं से की मारपीट
मामला सिर्फ हाथापाई तक नहीं रुका. आरोपियों ने कांच की बोतल उठाई और आयुष के सिर पर दे मारी. साथ आई महिला मित्रों के साथ भी बदतमीजी की गई, उन्हें भी मारा-पीटा गया. जब आयुष वहां से निकलने की कोशिश करने लगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए रास्ता रोक लिया. आयुष के मुताबिक पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें और उनके साथियों को बुरी तरह घेर लिया गया था और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था.
पीड़ित पक्ष ने इन तीन लोगों पर लगाए आरोप
आयुष की तहरीर में तीन नाम साफ तौर पर सामने आए हैं. अमित रांगड़, सार्थक रांगड़ और नितिन नेगी. तीनों मोथरोवाला, नेहरू कालोनी, देहरादून के रहने वाले बताए जा रहे हैं. इनके अलावा कुछ और साथी भी उस रात मौजूद थे जिनकी पहचान अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाई है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तीनों आरोपी युवा हैं. अमित की उम्र करीब 29 साल, सार्थक की 31 साल और नितिन नेगी की करीब 30 साल बताई गई है.
पुलिस ने रात 10 बजे दर्ज की एफआईआर
घटना की जानकारी मिलते ही नेहरू कालोनी थाने में रात 10 बजकर 38 मिनट पर FIR दर्ज की गई. इस मुकदमे में आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की तीन धाराएं लगाई गई हैं. धारा 115(2) के तहत स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने, धारा 351(3) के तहत आपराधिक धमकी देने और धारा 352 के तहत शांति भंग करने के इरादे से उकसाने का मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच उपनिरीक्षक दलिंदर सिंह को सौंपी गई है.
त्योहार मनाने गए थे और लहूलुहान होकर लौटे- पीड़ित
आयुष बंगारी ने बताया कि वे और उनके दोस्त होली का त्योहार खुशी से मनाने गए थे, किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. लेकिन इन लोगों ने बिना किसी वजह के हमला कर दिया. महिला मित्रों के साथ हुई बदतमीजी को लेकर वे खासे आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि जब तक ये लोग गिरफ्तार नहीं होते, न्याय नहीं मिलेगा.
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