क्रूज़ शिप पर हंता वायरस फैलने से दुनिया में डर का माहौल |
दक्षिण अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे लग्जरी क्रूज़ शिप MV Hondius पर हंतावायरस संक्रमण फैलने के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल बन गया है। इस प्रकोप ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों और कई देशों की सरकारों को अलर्ट पर ला दिया है। सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर जताई जा रही है कि जहाज पर पाए गए वायरस का संबंध एंडीज स्ट्रेन से बताया जा रहा है, जो हंतावायरस का दुर्लभ प्रकार है और सीमित परिस्थितियों में इंसान से इंसान में फैलने की क्षमता रखता है।
क्रूज़ शिप पर कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, जर्मनी, स्वीडन, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, तुर्की, सिंगापुर, न्यूज़ीलैंड और अन्य देशों के यात्री सवार थे। यह जहाज अप्रैल 2026 की शुरुआत में अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों में तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। बाद में जांच में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। अब तक तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्ध मामलों की निगरानी की जा रही है।
स्थिति गंभीर होने के बाद जहाज को कई बंदरगाहों पर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली और कुछ समय तक यह समुद्र में ही रुका रहा। फिलहाल जहाज स्पेन के कैनरी द्वीप समूह की ओर बढ़ रहा है, जहां इसे विशेष निगरानी और आइसोलेशन प्रक्रिया के तहत रखा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम यात्रियों की स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच की तैयारी कर रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि WHO ने आम जनता के लिए जोखिम को फिलहाल “कम” बताया है, लेकिन कई देशों ने एहतियात के तौर पर संपर्क में आए यात्रियों और उनके संपर्कों की निगरानी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस सामान्यतः संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है, लेकिन एंडीज स्ट्रेन में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण के मामले पहले भी दर्ज किए गए हैं।
अमेरिकी सरकार ने जहाज पर मौजूद अपने 17 नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष मेडिकल फ्लाइट भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन नागरिकों को अमेरिका लाकर नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में क्वारंटाइन और स्वास्थ्य निगरानी में रखा जाएगा। इसी तरह कई अन्य देश भी अपने नागरिकों की मेडिकल जांच और निगरानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
इस घटना ने कोविड-19 महामारी के शुरुआती दिनों की यादें भी ताजा कर दी हैं, जब कई क्रूज़ शिप संक्रमण के बड़े केंद्र बन गए थे। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को महामारी जैसी व्यापक आपदा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, फिर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। कई देशों में संपर्क ट्रेसिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि जहाज से पहले उतर चुके यात्रियों की पहचान कर समय रहते जांच की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण होंगे। यदि संक्रमण सीमित दायरे में नियंत्रित रहता है तो स्थिति जल्द संभाली जा सकती है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही वैश्विक चिंता को और बढ़ा सकती है। फिलहाल दुनिया भर की निगाहें MV Hondius और उससे जुड़े स्वास्थ्य अपडेट्स पर टिकी हुई हैं।
न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
News100 के लिए