महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में ‘गुलझार-ए-रजा’ फंडिंग मामले को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विवादित संस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग मिल रही थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने भी इस केस की समानांतर (Parallel) जांच शुरू कर दी है.
मुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि ‘दावते इस्लामी’ नामक एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा गुलझार-ए-रजा से जुड़े खाते में करीब 25 लाख रुपये जमा किए गए थे. जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक इससे जुड़े करीब 4 खातों को फ्रीज कर दिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों से कुछ रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करके निकाली भी गई थी, जिसकी ट्रेकिंग की जा रही है.
400 ड्रॉप बॉक्स और 18 हजार से ज्यादा दानदाता
फंडिंग जुटाने के तरीके पर रोशनी डालते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के 4 जिलों में करीब 400 ड्रॉप बॉक्स रखे गए थे. इन बॉक्स के जरिए 18,573 दानदाताओं से यह भारी-भरकम फंड जमा किया गया. हालांकि, सभी दानदाताओं की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है. जिन लोगों ने चेक या बैंक के अन्य माध्यमों से पैसे दिए हैं, उनकी पहचान और सत्यापन (Verification) का काम जारी है.
4 करोड़ के फंड के गलत इस्तेमाल की आशंका
विदेशी और विवादित संस्थाओं से फंडिंग का नया एंगल सामने आने के बाद ATS इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि गुलझार-ए-रजा द्वारा जमा किए गए करीब 4 करोड़ रुपये के इस भारी फंड का इस्तेमाल कुछ संदिग्ध या अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया गया हो सकता है.
फिलहाल सभी संबंधित संदिग्ध खातों को सील कर दिया गया है और अब तक हुए हर एक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है.