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Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से होगी शुरू, पहले दिन 1.24 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुरू होगी. यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और 6 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. पहले ही दिन शाम 5 बजे तक 1,24,089 यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पंजीकरण करा लिया, जिससे इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.

प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं. उन्होंने बताया कि सुरक्षित और सुगम यात्रा प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में 56 लाख 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए थे. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.

मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार, इस बार चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत रूप से अक्षय तृतीया यानी 19 अप्रैल को खोले जाएंगे. वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं.

उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की पंजीकरण व्यवस्था की गई है. ऑफलाइन पंजीकरण के लिए कुल 50 काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें 30 काउंटर ऋषिकेश और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं. ये सभी काउंटर 24 घंटे संचालित होंगे, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा कपाट खुलने से दो दिन पहले यानी 17 अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी.

श्रद्धालु अपना पंजीकरण पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और “टूरिस्ट केयर उत्तराखंड” मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं. इसके अलावा आधार कार्ड के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है. विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है. जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड और विकासनगर देहरादून में पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं.

वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत के दिए हैं निर्देश

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्गों पर सार्वजनिक शौचालय, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही मुख्य और वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं. यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मानकों के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की जाएगी.

चारधाम यात्रा में कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी

परिवहन व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है. इस बार चारधाम यात्रा में कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें से 400 बसें रिजर्व रखी जाएंगी. प्रतिदिन लगभग 130 बसें यात्रियों को लेकर रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में करीब 1300 मार्गों पर संचालन होगा.

शाम 5 बजे तक यमुनोत्री धाम के लिए 22,340 श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

पंजीकरण के पहले दिन शाम 5 बजे तक यमुनोत्री धाम के लिए 22,340, गंगोत्री धाम के लिए 22,764, केदारनाथ धाम के लिए 42,405 और बद्रीनाथ धाम के लिए 36,580 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया. इससे साफ है कि इस वर्ष भी चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

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