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Bihar Weather: आज से करवट बदलेगा मौसम, IMD ने राज्य के 27 जिलों में जारी किया अलर्ट, किसानों को दी ये सलाह

बिहार में पिछले करीब 10 दिनों से लगातार तापमान वृद्धि के बाद मौसम में बदलाव के बड़े संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग ने सोमवार (9 मार्च से बुधवार 11 मार्च तक के लिए राज्य के कई जिलों में तेज हवा, हल्की बारिश तो कुछ जगहों पर बिजली चमकने, मेघ गर्जन एवं कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है. 

मार्च शुरू होते ही तापमान में बढ़ोतरी शुरू

देखा जा रहा था की होली के दो दिन पहले यानी मार्च महीने की शुरुआत से ही तापमान में लगातार गर्मी वृद्धि हो रही है और अप्रैल- मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है. रविवार को कैमूर में पारा 34.8 डिग्री पर पहुंच चुका है, तो वहीं मोतिहारी गया राजगीर जैसे शहरों में दिन रात दोनों गर्म होने लगी हैं. लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने सोमवार से राहत की खबर दी है.

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पश्चिमी इलाकों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है. इसमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सिवान, सारण, गोपालगंज ,बक्सर ,भोजपुर, रोहतास, भभुआ ,औरंगाबाद और अरवल में तापमान में कोई बदलाव नहीं होंगे और ना ही इन जिलों में कोई चेतावनी दी गई है. इन जिलों में पहले से तापमान बढ़ाते आ रही है और आगे भी बढ़ते रहने की संभावना है.

बिहार के इन 27 जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद

वही राज्य के उत्तर और दक्षिण के मध्य एवं पूर्वी इलाके के 27 जिलों में हल्की बारिश, मेघ गर्जन तो कहीं-कहीं वज्रपात और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही उत्तर बिहार तथा दक्षिण बिहार के पूर्वी इलाको में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चलने का पूर्वानुमान है.  

इन जिलों में दी गई चेतावनी

जिन जिलों में चेतावनी दी गई है उनमें सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर दरभंगा शिवहर समस्तीपुर ,सुपौल ,अररिया, किशनगंज ,मधेपुरा ,सहरसा, पूर्णिया, कटिहार तो वही राजधानी पटना, नालंदा, गया ,शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका , जमुई, मुंगेर और खगड़िया को एलर्ट मोड में रखा गया है . 

हालांकि कल 10 मार्च को पूर्वी इलाकों के जिले में तो 11 मार्च को उत्तर बिहार के पूर्वी और मध्य के जिलों में ज्यादा सक्रिय रूप से मौसम बदलने का पूर्वानुमान है. हालांकि पटना सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट होने का संभावना नहीं बन रही है ,लेकिन हवा के कारण राहत मिलने की उम्मीद है. 

फसलों पर पड़ेगा इसका असर

मौसम का यह बदलाव फसलों के लिए मिला-जुला असर रहने की संभावना बन रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बारिश गेहूं के दानों और आम-लीची के मंजरों के लिए फायदेमंद है. इससे कीटों का प्रकोप कम होगा, लेकिन अगर हवा की रफ्तार तेज रही या ओलावृष्टि हुई तो फसल गिरने और आम के मंजर झड़ने का डर है.

किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव रोक दें. खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मेघगर्जन के दौरान खुले मैदान, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.तेज हवा के समय टिन शेड या कमजोर ढांचों से दूर रहना ही समझदारी है.

मौसम विभाग ने दी यह जानकारी

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अभी जिस तरह से तापमान में वृद्धि हो रही है. यह 15 वर्षों में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान है. दिन में तेज धूप और पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं ने मौसम का रुख बदल दिया है. 

उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण बिहार में आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है. बीते रविवार को रात्रि और सुबह का सबसे कम न्यूनतम तापमान सहरसा में 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई जबकि सबसे अधिक न्यूनतम तापमान राजधानी पटना और फारबिसगंज में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 

इन इलाकों में कितना रहा तापमान

पूर्णिया, छपरा ,सुपौल में भी न्यूनतम तापमान 22से 323 डिग्री के बीच रहा तो अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा कैमूर में 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा तो राजधानी पटना में भी 32.9 डिग्री सेल्सियस दिन का तापमान दर्ज किया गया गया. राजगीर ,बक्सर, मोतिहारी में 33 से 34 डिग्री के बीच तापमान रहा जबकी सबसे कम मधेपुरा में 28. 01 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

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