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Basti News: पत्रकारों से दबंगों ने की बदसुलूकी, उपकरण छीनने की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

जनपद के नगर थाना क्षेत्र स्थित दुबखरा पेट्रोल पंप पर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ कुछ लोगों की कहासुनी हो गई. आरोप है कि करूण सिंह नामक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की और उनके उपकरण छीनने की कोशिश की गई. घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों में नाराजगी देखी जा रही है. पत्रकारों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, पत्रकार वैदिक द्विवेदी और उनकी टीम दुबखरा पेट्रोल पंप पर जनहित से जुड़ी एक खबर की कवरेज कर रही थी. तभी अचानक आरोपी करूण सिंह अपने गुर्गों के साथ वहां आ गए. आरोप है कि बिना किसी वजह के आरोपी ने पत्रकारों को भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया. जब पत्रकारों ने कैमरा ऑन किया, तो आरोपी और भी उग्र हो गया. आरोपी ने पत्रकारों के साथ हाथापाई कर उनके उपकरण छीनने के लिए. पत्रकारों का कहना है कि आरोपी का मकसद सिर्फ हमें रोकना नहीं, बल्कि हमारी आवाज को पूरी तरह कुचलना था.

पत्रकारों ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

घटना के विरोध में आज जिले के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर पुलिस कप्तान के कार्यालय का घेराव किया. पत्रकारों ने कहा कि यदि फील्ड में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं रह जाता. पत्रकारों ने मांग की है कि केवल सामान्य मारपीट नहीं, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा और लूट के प्रयास (कैमरा छीनने) जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो.

आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए. फील्ड में कवरेज के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. नगर थाने को तत्काल अल्टीमेटम मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि पुलिस किसी भी गुंडा तत्व के आगे नहीं झुकेगी. उन्होंने नगर थाना पुलिस को फोन पर ही कड़े निर्देश दिए कि आरोपी करूण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाए.

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बस्ती के विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इस कृत्य की घोर निंदा की है. वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि दुबखरा की यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है. यह हमला पत्रकारों पर नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों पर है जिनकी आवाज पत्रकार बनते हैं. हम चुप नहीं बैठेंगे. पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 24 से 48 घंटों के भीतर पुलिस ने कोई ठोस परिणाम नहीं दिखाया, तो जनपद के सभी पत्रकार कलम छोड़कर सड़कों पर उतरेंगे और जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे.

घटना की जांच में जुटा पुलिस प्रशासन

पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने शिकायत का संज्ञान लेकर तत्काल कार्यवाही का निर्देश दे दिए है. वही नगर थाने के थानाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी.

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