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AK-47 चोरी मामला: 5 आरोपियों को 10-10 साल की सजा, सबूतों के अभाव में 9 बरी

मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो (COD) से गायब AK-47 केस मामले में NIA की विशेष अदालत ने आज (13 मार्च) को अपना अहम फैसला सुनाया. इस केस की सुनवाई के बाद बुधवार (11 मार्च) को कोर्ट ने जजमेंट पारित किया, जिसमें 14 अभियुक्तों में से पांच आरोपियों को दोषी करार दिया गया था जबकि नौ अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. 

शुक्रवार (13 मार्च) को सेंटेंस के बिंदु पर सुनवाई थी. उस सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी करार सभी पांच अभियुक्तों को 10-10 साल की सजा सुनाई है. इसमें आरोपी पहले से जेल में बंद है और सजा काट रहे हैं तो जितने दिनों तक उनकी सजा पूरी हो गई है उतने दिनों के बाद की और सजा ये लोग काटेंगे.

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जबलपुर ऑर्डिनेंस डिपो से 70 AK 47 राइफल हुई थी चोरी

यह पूरा मामला साल 2012 का है. दरअसल 2012 में जबलपुर स्थित सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो (COD) से लगभग 70 अत्याधुनिक AK 47 राइफल चोरी हुई थी. चोरी किए गए हथियारों को बिहार के मुंगेर जिले के हथियार तस्करों के माध्यम से अपराधियों और नक्सलियों तक पहुंचाया गया था. इसका खुलासा 29 अगस्त 2018 को तब हुआ, जब जमालपुर के जुबली वेल चौक से पुलिस ने तीन AK 47 राइफल बरामद कर हथियार तस्कर मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया था. 

STF और जिला पुलिस ने शमशेर आलम को किया था गिरफ्तार

इसके बाद STF और जिला पुलिस ने छापेमारी कर शमशेर आलम उर्फ वीरू और रिजवाना बेगम को गिरफ्तार किया था. इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई हथियार बरामद किए गए. जांच के क्रम में पता चला कि सुरेंद्र ठाकुर जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से हथियार चोरी कर पुरुषोत्तम को देता था, इसके बाद पुरुषोत्तम अपने परिवार के साथ मिलकर इन हथियारों को शमशेर आलम और मोहम्मद इमरान को बेच देता था. ये तस्कर एजेंटों के माध्यम से हथियारों की सप्लाई विभिन्न जिलों और राज्यों में करते थे.

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चोरी की 60 AK 47 राइफल लाई गई थी मुंगेर 

पुलिस जांच के अनुसार 2012 से 29 अगस्त 2018 के बीच लगभग 60 AK 47 राइफल मुंगेर लाई गई थी, जिनमें से कुछ नक्सलियों और बाकी अपराधियों को बेची गई थीं. इस मामले में जमालपुर के मोफस्सिल थाना में 29 सितंबर 2018 को IPC और UAP ACT की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 334/2018 दर्ज किया गया था. NIA ने जांच के दौरान अब तक लगभग 20 AK 47 राइफल बरामद की जा चुकी हैं जिसमें से मुंगेर पुलिस ने मुंगेर के बारदाह गांव से 12 AK 47 बरामद किया था. 

केस में करीब 20 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस को यह भी पता चला था कि आयुध कारखाना का कर्मचारी पुरुषोत्तम रजक और COD स्टोर कीपर सुरेश ठाकुर आयुध कारखाना से हथियार चोरी करके पांच से सात लाख में मोहम्मद शमशेर को बेचता था. इस केस में अबतक करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिसमें से पुलिस कुछ लोगों को पहले छोड़ दिया था.

इस मामले में पुलिस ने 14 लोगों को जेल भेजा था, जिसमें से पांच को NIA की स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया है जबकि नौ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है. दोषी करार दिए गए सभी पांच अभियुक्तों के विरुद्ध NIA की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश मधुकर सिंह ने सजा सुनाते हुए दस दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई, जिसमें से आठ साल की सजा काट चुके हैं अब दो वर्ष की और सजा काटेंगे.

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