दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान से जुड़े मकोका मामले की जांच में देरी को लेकर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने कहा कि पुलिस को इस मामले की जांच तेजी से पूरी करनी चाहिए थी, क्योंकि आरोपी साल 2024 से ही जेल में बंद है.
HC ने दिल्ली पुलिस पर जताई नाराजगी
दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की बेंच ने पुलिस से सवाल किया कि आखिर जांच कब तक चलती रहेगी. कोर्ट ने कहा कि अगर इसी तरह जांच लंबी चलती रही तो आरोप तय करने की प्रक्रिया कब शुरू होगी. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जब तक आरोप तय नहीं होंगे तब तक जमानत को लेकर अदालत भी यही कहेगी कि पहले आरोप तय होने दीजिए.
दिल्ली: ट्रैफिक पुलिस के नाम पर उगाही करने वाले सिंडिकेट का खुलासा, गैंग का सरगना जय भगवान गिरफ्तार
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह भी जानकारी आई कि इस मामले के दो गवाह अपने पहले दिए गए बयान से पीछे हट गए हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके.
दिल्ली HC ने पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
नरेश बाल्यान की ओर से पेश वकील जॉन ने अदालत को बताया कि उनके तर्क उनके मुवक्किल के निर्देशों के अनुसार ही रखे गए हैं. इस पर अदालत ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस बात को समझती है. सुनवाई के अंत में हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च तय करते हुए दिल्ली सरकार और पुलिस को निर्देश दिया कि अगली तारीख से पहले जांच की ताजा स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि वह इस मामले में जांच की प्रगति पर करीब से नजर रखेगी.
दिल्ली: 12 लाख की ड्रग्स के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने दो तस्कर किए गिरफ्तार