भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुई बयानबाजी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विवाद के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें पार्टी के भीतर कथित ‘स्लीपर सेल’ होने का दावा किया गया। पोस्ट के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिससे विवाद और गहरा गया। दोनों नेताओं के समर्थक खुलकर आमने-सामने आ गए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग भी उठने लगी है। कुछ नेताओं का कहना है कि संगठन की एकजुटता बनाए रखने के लिए शीर्ष नेतृत्व को जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी में किसी तरह का भ्रम या असंतोष न रहे।
फिलहाल पार्टी की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मामला जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर प्रदेश कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।
