नोएडा स्थित गोल्डन आई मॉल में बुधवार को अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार मॉल की ऊपरी मंजिल, विशेष रूप से 9वीं मंजिल के हिस्से से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिसके बाद परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों और व्यावसायिक परिसरों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआती कुछ मिनटों में स्थिति तेजी से बिगड़ती दिखाई दी क्योंकि धुआं ऊपरी हिस्सों में फैलने लगा था। सूचना मिलते ही फायर विभाग, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं नियंत्रण अभियान शुरू किया गया।
बताया जा रहा है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मॉल के प्रभावित हिस्से को तुरंत खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद फायर कर्मियों ने आग को अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाया। ऐसे मामलों में आग के साथ-साथ धुएं का फैलाव भी बड़ा खतरा माना जाता है, इसलिए प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक अंतिम कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां अब इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और फायर सेफ्टी मानकों के पालन की भी जांच कर सकती हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल सामने आ रहा है कि बड़े मॉल और कमर्शियल परिसरों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और फायर कंट्रोल व्यवस्था कितनी प्रभावी है। हाल के वर्षों में देश के कई शहरों में आग की घटनाओं के बाद इस मुद्दे पर लगातार चर्चा होती रही है।
फिलहाल राहत की बात यह बताई जा रही है कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या गंभीर जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच जारी है।
नोट: यह जानकारी शुरुआती रिपोर्टों और मौके से सामने आई सूचनाओं पर आधारित है। आग लगने की वास्तविक वजह, किसी संभावित लापरवाही या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित विभागों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
