देश के कई विश्वविद्यालय अब अपनी डिग्री, मार्कशीट और आधिकारिक दस्तावेजों में ‘India’ की जगह ‘Bharat’ शब्द का उपयोग करने लगे हैं। इस पहल को देश की पारंपरिक पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने हाल ही में घोषणा की है कि अब विश्वविद्यालय के मार्कशीट और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में ‘India’ के स्थान पर ‘Bharat’ लिखा जाएगा। कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने बताया कि G20 समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ‘भारत’ शब्द के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इससे पहले मध्य प्रदेश के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV), इंदौर सहित अन्य संस्थान भी अपने दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द का प्रयोग शुरू कर चुके हैं।
विश्वविद्यालयों का मानना है कि यह बदलाव देश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
