कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश |
भोपाल। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, बिजली, सड़क, आवास, पेंशन, अतिक्रमण, भूमि विवाद तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
कई मामलों में कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जबकि जटिल प्रकरणों के लिए समयबद्ध जांच एवं निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले आवेदनों को केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जाए।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और आवेदकों को समय पर जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
जनसुनवाई में कुल 122 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश आवेदन राजस्व, सामाजिक न्याय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित रहे। प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) कमल सोलंकी, अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की।
जनसुनवाई के माध्यम से जिला प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों को अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने और त्वरित समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशासन का यह प्रयास सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
