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दो किस्तों में RBI के ‘ई-कुबेर’ प्लेटफॉर्म से उठाई जाएगी राशि, विकास और पूंजीगत परियोजनाओं पर होगा खर्च |
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार बाजार से दो अलग-अलग किस्तों में कुल 1,800 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने जा रही है। सरकार ने इसके लिए दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (State Government Securities) के रि-इश्यू का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नए कर्ज के मिलने के बाद चालू वित्त वर्ष में सरकार पर कुल कर्ज 11 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा। वहीं, राज्य सरकार पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 4 लाख 99 हजार 714 करोड़ रुपए पर पहुँच जाएगा।
कर्ज का पूरा गणित: दो किस्तों की विस्तृत जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए ई-कुबेर (E-Kuber) प्लेटफॉर्म पर होने वाली नीलामी के माध्यम से यह ऋण लिया जा रहा है, जिसकी राशि सरकार को 10 जून को प्राप्त होगी।
पहली किस्त दूसरी किस्त कुल राशि ₹1,200 करोड़ ₹600 करोड़ ब्याज दर 7.86% , 7.90%
सिक्योरिटी की अवधि 16 वर्ष 30 वर्ष
भुगतान की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2042 तक – 15 अप्रैल 2056 तक
भुगतान का तरीका हर 6 माह में
कहाँ खर्च होगी यह राशि?
सरकार के मुताबिक, इस कर्ज से मिली राशि का उपयोग प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों, सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और अन्य पूंजीगत परियोजनाओं में किया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत इस ऋण के लिए अपनी सहमति दे दी है। बढ़ता वित्तीय बोझ और बदलती प्रक्रिया 31 मार्च 2026 की स्थिति: आधिकारिक वित्तीय एवं बजटीय नोटिफिकेशन के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक राज्य पर कुल कर्ज 4.88 लाख करोड़ रुपए से अधिक था। नए कर्ज के साथ यह आंकड़ा ₹4,99,714 करोड़ हो जाएगा।
समय से पहले शुरुआत: इस वित्त वर्ष में सरकार ने अप्रैल महीने से ही कर्ज लेना शुरू कर दिया था, जबकि इससे पहले के वर्षों में आमतौर पर यह प्रक्रिया मई महीने से शुरू होती थी।
