न्यूज़ बाय : रज़ा लाला ख़ान
ईरान रेलवे के ज़रिए चीन और पाकिस्तान को तेल और LPG एक्सपोर्ट करता है, US नेवी ब्लॉकेड के लगभग 50 दिन बाद चीन जाने वाली मालगाड़ियों की संख्या तीन गुना हो गई, टैंकरों की लंबी लाइन रात भर चलती रहती है।
अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी (US Naval Blockade) के बाद ईरान द्वारा रेलवे के ज़रिए चीन को तेल और एलपीजी (LPG) का निर्यात करना समुद्री प्रतिबंधों को दरकिनार करने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश है। जहां ये तेल और LPG को समुद्र से ले जाने में 40 दिन का समय लगता था वही ट्रेन से 15 दिन में ही तेल चीन पहुंच जाता है 13 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी तेल टैंकरों और बंदरगाहों की नाकाबंदी किए जाने के बाद ईरान ने जमीन आधारित रेल नेटवर्क का रुख किया है।
मालगाड़ियों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी बढ़ती फ्रीक्वेंसी: अमेरिकी ब्लॉकेड शुरू होने के बाद चीन के शियान (Xi’an) से तेहरान और ईरान से चीन जाने वाली मालगाड़ियों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है।
नया शेड्यूल: पहले जहां इस रूट पर हफ्ते में केवल एक ट्रेन चलती थी, वहीं अब हर तीन से चार दिन में मालगाड़ियां रवाना हो रही हैं।
टैंकरों की कतारें: रेल टर्मिनलों और रिफायनरीज के बाहर तेल व एलपीजी लोड करने वाले जमीनी टैंकरों की लंबी कतारें रात-रात भर देखी जा रही हैं, ताकि ट्रेनों में जल्द से जल्द सप्लाई लोड की जा सके।
मुख्य रेल मार्ग (Trade Route) यह अंतरराष्ट्रीय रेल मार्ग मुख्य रूप से कज़ाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के मध्य एशियाई गलियारे से होकर गुजरता है।
