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रज़ा लाला ख़ान
भारतीय शतरंज के लिए गर्व का एक और ऐतिहासिक पल सामने आया है। 20 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर Divya Deshmukh ने Norway Chess 2026 में अपने डेब्यू मुकाबले में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा महिला विश्व चैंपियन Ju Wenjun को मात देकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस जीत को भारतीय शतरंज के हालिया वर्षों की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
नॉर्वे शतरंज को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण आमंत्रण आधारित टूर्नामेंटों में माना जाता है, जहां केवल चुनिंदा शीर्ष खिलाड़ी ही हिस्सा लेते हैं। ऐसे मंच पर पहला मुकाबला खेलना ही किसी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन दिव्या ने दबाव को अवसर में बदलते हुए ऐसा प्रदर्शन किया जिसने शतरंज जगत को प्रभावित कर दिया।
जू वेनजुन लंबे समय से महिला शतरंज की सबसे मजबूत खिलाड़ियों में गिनी जाती रही हैं और उनके खिलाफ जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। दिव्या ने मुकाबले में संयम, रणनीतिक समझ और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह दिखाया कि नई भारतीय पीढ़ी अब विश्व मंच पर बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दिव्या देशमुख की इस उपलब्धि को भारतीय शतरंज की लगातार बढ़ती ताकत का प्रतीक भी माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज में कई युवा सितारे दिए हैं और दिव्या की यह जीत उसी नई सोच और तैयारी का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर के खेल प्रेमियों और शतरंज समुदाय में उत्साह का माहौल है। अब सभी की नजरें टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों पर होंगी, जहां दिव्या से और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
