News By Aazam Lala ✍️✍️
भोपाल की तपती दोपहर, आसमान से बरसती आग और सड़कों पर पसरा सन्नाटा… जहाँ आम लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबकने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ़ ख़ाकी वर्दी वाले अपने फ़र्ज़ की हिफाज़त में सीना ताने खड़े दिखाई देते हैं।
जब एक पत्रकार ने थाना प्रभारी Kohefiza Gopal Shukla से सवाल किया कि “इतनी शदीद गर्मी में भी आप लोग लगातार ड्यूटी कैसे निभा लेते हैं?”
तो थाना प्रभारी का जवाब बेहद सादा लेकिन दिल को छू लेने वाला था —
“जब दिल में मुल्क और आवाम की ख़िदमत का जज़्बा हो, तब गर्मी, बारिश या मौसम मायने नहीं रखते… उस वक़्त सिर्फ़ अपना फ़र्ज़ दिखाई देता है।”
यही जज़्बा उस वक़्त देखने को मिला जब Kohefiza थाना पुलिस ने जिला बदर के बावजूद शहर में घूम रहे कुख्यात आरोपी यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक यासीन मलिक, जो मुख्तार मलिक का बेटा बताया जा रहा है, प्रशासन के साफ़ हुक्मों को दरकिनार करते हुए भोपाल में सरगर्म था। उस पर पहले ही जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी थी, जिसके तहत उसे तय मुद्दत तक शहर की सरहद से दूर रहने का आदेश दिया गया था।
मगर कानून की पकड़ से बच निकलना इतना आसान नहीं होता…
जैसे ही पुलिस को मुखबिर से इत्तिला मिली कि आरोपी कोहेफिजा इलाके में मौजूद है, पुलिस ने बिना देर किए घेराबंदी शुरू कर दी।
चारों तरफ निगरानी बढ़ाई गई और आख़िरकार आरोपी को दबोच लिया गया।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि Madhya Pradesh Police सिर्फ कागज़ी कार्रवाई नहीं करती, बल्कि ज़मीन पर उतरकर कानून की हिफाज़त करना भी जानती है।
शहर में बढ़ते अपराध और बदमाशों की हरकतों के बीच पुलिस का ये पैगाम बिल्कुल साफ़ है —
जो भी कानून को चुनौती देगा, उसके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई तय है।
भोपाल पुलिस की ये कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए खुला पैगाम है जो कानून से ऊपर खुद को समझने की भूल करते हैं।
क्योंकि आखिरकार… ख़ाकी की नज़र से बच पाना आसान नहीं।
