News by Azam lala ✍️✍️
सियासी बयानबाज़ी ने पकड़ा जोर | RSS स्वयं सेवक व साहू समाज के कार्यकारी अध्यक्ष का काकरोज पार्टी पर तीखा हमला |
भोपाल में इन दिनों सोशल मीडिया की सियासत और नई उभरती राजनीतिक जमातों को लेकर बहस तेज़ होती दिखाई दे रही है। इसी बीच RSS स्वयं सेवक व साहू समाज के कार्यकारी अध्यक्ष Satyendra Sahu ने अपने बेबाक अंदाज़ में कथित काकरोज पार्टी ” पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि ये कोई जन आंदोलन या युवाओं की असली आवाज़ नहीं, बल्कि “विदेशी फंडिंग और मुल्क विरोधी सोच रखने वाले कुछ लोगों का बनाया हुआ हुजूम” है, जो सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
सत्येंद्र साहू ने तंज़िया लहज़े में कहा कि —
“आजकल मोबाइल हाथ में आते ही कुछ लोग खुद को क्रांतिकारी समझने लगते हैं। दो वीडियो बना लिए, चार नारे लिख दिए और समझ बैठे कि मुल्क बदल देंगे… मगर हक़ीक़त में ये सिर्फ सोशल मीडिया का शोर है, ज़मीनी सच्चाई नहीं।”
उन्होंने दावा किया कि कथित कोकराज पार्टी बहुत कम समय में सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती दिखाई दे रही है, लेकिन इसके पीछे आम युवाओं का जनसमर्थन कम और डिजिटल प्रचार ज्यादा नज़र आता है।
सत्येंद्र साहू ने कहा कि देश के नौजवानों को किसी भी संगठन या पार्टी से जुड़ने से पहले उसकी सोच, मकसद और फंडिंग पर गौर करना चाहिए।
“सिर्फ वायरल वीडियो देखकर किसी के पीछे चल पड़ना समझदारी नहीं, क्योंकि सोशल मीडिया की चमक कई बार हक़ीक़त से कोसों दूर होती है।”
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि —
“कुछ लोग देशभक्ति को भी अब ‘कॉन्टेंट’ बना चुके हैं। कैमरे के सामने क्रांति और कैमरे के पीछे विदेशी एजेंडा… यही इनकी असल पहचान है।”
सत्येंद्र साहू ने युवाओं से अपील की कि वे भावनाओं में बहकर किसी भी ऑनलाइन मुहिम का हिस्सा न बनें, बल्कि देशहित और समाजहित को सामने रखकर फैसला लें।
हालांकि उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके बयान को राष्ट्रवाद की आवाज़ बता रहे हैं, तो कुछ इसे सियासी कटाक्ष और नई सोच को दबाने की कोशिश करार दे रहे हैं। फिलहाल इतना तय है कि भोपाल की सियासी फिज़ा में “काकरोज पार्टी” को लेकर बयानबाज़ी अब और तेज़ होने वाली है।
