आग जब आबादी की ओर बढ़ने लगी तो सुबह स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचित किया। सुबह करीब आठ बजे वन कर्मी आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन जंगल में गिरे पिरूल के कारण आग तेजी से फैलती रही।
वन कर्मियों ने लाइन काटकर श्यामखेत की तरफ से आग को रोका, लेकिन आग बढ़ते हुए तीनमोड़ घोड़ाखाल से सटे जंगल तक पहुंच गई, जिसने वन कर्मियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया।
गुरुवार की रात व शुक्रवार पूरा दिन जंगल जलता रहा। शाम के वक्त वनाग्नि को नियंत्रित किया गया। रेंजर विजय मेलकानी ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
