भारत में बढ़ती बिजली मांग के बीच कोयला एक बार फिर देश की ऊर्जा व्यवस्था का सबसे बड़ा आधार बनकर उभरा है। सरकार नई कोयला खदानों, रेलवे कॉरिडोर और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है।
हालांकि Renewable Energy यानी सोलर और विंड एनर्जी का विस्तार भी तेजी से हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कई वर्षों तक भारत पूरी तरह कोयले पर निर्भरता खत्म नहीं कर पाएगा।
एक तरफ कोयला बिजली और उद्योगों की जरूरत पूरी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण और पर्यावरण को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। अब चुनौती यह है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
