चंपावत पुलिस का ड्रग माफिया पर बुलडोजर एक्शन |
उत्तराखंड के चंपावत जिले में “ड्रग फ्री देवभूमि अभियान” के तहत पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने 5.688 किलो एमडी ड्रग (MD Drugs) मामले में आरोपियों की करीब 30 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई में तस्करों की लग्जरी MG Hector, स्विफ्ट डिजायर कार और बैंक खातों को भी जब्त किया गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई को राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और SAFEMA कोर्ट के आदेश के तहत की गई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ड्रग तस्करी से अर्जित अवैध कमाई का इस्तेमाल महंगी गाड़ियां खरीदने और बैंक खातों में रकम जमा करने में किया था। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल ड्रग्स बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता बन चुका है।
चंपावत पुलिस का मानना है कि नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यही वजह है कि “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हाल के वर्षों में उत्तराखंड के सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जाती रही है। ऐसे में पुलिस अब तस्करी के नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करना नशा तस्करी रोकने का प्रभावी तरीका माना जाता है। जब तस्करों की आर्थिक ताकत कमजोर होती है, तो उनके नेटवर्क को संचालित करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि देश के कई राज्यों में अब ड्रग मामलों में संपत्ति जब्ती और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई तेज की जा रही है।
चंपावत पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इसे सकारात्मक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह सख्ती जारी रही तो युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी। वहीं पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में भी ड्रग तस्करों और उनके नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब पुलिस केवल अपराध दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नशे के पूरे कारोबार की आर्थिक जड़ों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। “देवभूमि” को नशामुक्त बनाने का संकल्प अब केवल नारा नहीं, बल्कि जमीन पर सख्त कार्रवाई के रूप में दिखाई देने लगा है।
न्यूज बाय
Sabiha Khan