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महिला पत्रकार के साथ बर्बरता पत्रकारों में आक्रोश |

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By alshifaaa SMM

May 9, 2026 • 1 min read

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महिला पत्रकार के साथ बर्बरता पत्रकारों में आक्रोश |



उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में महिला पत्रकार और यूट्यूबर सरिता सिंह के साथ हुई कथित बर्बरता की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस मामले के सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार सरिता सिंह पिछले 30 अप्रैल 2026 से लापता थीं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस से तलाश की मांग की थी। कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद 6 मई को उन्हें मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र में झाड़ियों के बीच गंभीर हालत में पाया गया। बताया जा रहा है कि उनके हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे और मुंह दुपट्टे से बांधा गया था। मौके से पेट्रोल जैसी गंध आने के कारण आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश भी की गई हो सकती है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला पत्रकार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई बिंदुओं की जांच की जा रही है, क्योंकि अब तक सामने आए कुछ बयानों में विरोधाभास भी पाया गया है। इसी कारण पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

इस घटना के बाद पत्रकारों और मीडिया संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता और महिला सुरक्षा पर हमला बताया है। पत्रकारों का कहना है कि यदि मीडिया से जुड़े लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।

स्थानीय पत्रकारों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की गई है। कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे मामलों में त्वरित और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी होती है ताकि लोगों का कानून व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

न्यूज़ बाय
रज़ा लाला ख़ान
News100 के लिए

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