धमतरी में पुलिस ने ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित तौर पर चर्चित “रेड्डी अन्ना” सट्टा नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों रुपये के दांव संचालित कर रहा था। पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि जांच में बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और हवाला नेटवर्क से जुड़े सुराग मिलने की बात सामने आ रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन, लैपटॉप और इंटरनेट आधारित ऐप्स की मदद से IPL मैचों पर लाइव रेट चलाता था। वह कथित रूप से “महादेव बुक” जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टे से जोड़ता था। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बनाकर पंटर्स को मैच के दौरान लगातार अपडेट और रेट भेजे जाते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और लाखों रुपये के लेन-देन का हिसाब-किताब बरामद किया है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में कई बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट्स और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी भी मिली है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल एक स्थानीय सट्टेबाज का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि “रेड्डी अन्ना” नेटवर्क कथित तौर पर दुबई से संचालित किया जाता है, जबकि स्थानीय स्तर पर युवाओं को एजेंट बनाकर पूरे नेटवर्क को फैलाया जाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी केवल फ्रंट एंड ऑपरेटर था और उसके पीछे कई बड़े नाम और आर्थिक चैन जुड़े हो सकते हैं।
IPL सीजन शुरू होते ही छत्तीसगढ़ के धमतरी, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में ऑनलाइन सट्टेबाजी तेजी से सक्रिय हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स ने इस अवैध कारोबार को और आसान बना दिया है। युवाओं को “घर बैठे कमाई” और “एक्स्ट्रा इनकम” का लालच देकर पहले छोटे दांव लगवाए जाते हैं, फिर धीरे-धीरे उन्हें एजेंट या नियमित पंटर बना दिया जाता है। कई मामलों में हारने के बाद लोगों को धमकी, वसूली और मानसिक दबाव का सामना भी करना पड़ता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अब केवल खेल तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और साइबर अपराध से भी जुड़ती जा रही है। करोड़ों रुपये का लेन-देन डिजिटल माध्यमों से किया जाता है, जिससे नेटवर्क का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब केवल स्थानीय ऑपरेटरों ही नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक नेटवर्क और फंडिंग चैन की भी जांच कर रही हैं।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान सट्टा कारोबार तेजी से बढ़ता है और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है। कई लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में कर्ज और अपराध के जाल में फंस जाते हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत कई परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है।
हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि आखिर हर साल IPL के दौरान ऐसे नेटवर्क इतनी आसानी से कैसे सक्रिय हो जाते हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड, हवाला ऑपरेटरों और मनी लॉन्ड्रिंग चैन पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हर सीजन में नए एजेंट और नए नेटवर्क सामने आते रहेंगे।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके संपर्कों, बैंक खातों तथा डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
न्यूज बाय: Sabiha Khan
