Ludhiana Bribery Case: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक और बड़ी कारवाई सामने आई है. विजिलेंस ब्यूरो ने आज लुधियाना की एक अदालत में तैनात नायब कोर्ट (ASI) तरलोचन सिंह को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी ने रिश्वत के साथ एक मशहूर ब्रांड के जूतों की भी डिमांड की थी, जिससे यह मामला और भी चर्चा में आ गया.
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई चंडीगढ़ रोड, लुधियाना के एक निवासी की शिकायत के आधार पर की गई थी. शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले एक केस दर्ज किया गया था, जिसके दौरान पुलिस ने उसका लाइसेंसी पिस्तौल जब्त कर लिया था. शिकायतकर्ता ने अपनी पिस्तौल वापस लेने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी.
रिश्वत के साथ जूतों की भी डिमांड
शिकायत के अनुसार, आरोपी नायब कोर्ट तरलोचन सिंह ने उसकी पिस्तौल वापस दिलवाने में मदद करने के बदले 10,000 रुपये नकद और स्केचर्स (Skechers) कंपनी के जूतों की डिमांड की थी. शिकायतकर्ता ने मुलज़िम के साथ पूरी बातचीत रिकॉर्ड की और विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया.
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया. जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी एएसआई को 10,000 रुपये और स्लेटी रंग के स्केचर जूते दिए, विजिलेंस टीम ने तुरंत कारवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
जाल बिछाकर रंगे हाथों गिरफ्तारी
विजिलेंस टीम ने बताया कि उन्होंने यह कारवाई दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की, ताकि यह पूरा मामला साफ रहे है. इसके साथ ही उन्होंने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया.
आरोपी तरलोचन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, लुधियाना में मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरीके से लोगों से पैसे वसूले हैं.