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Aligarh News: फर्जी हस्ताक्षर से ले लिया 10 करोड़ का लोन, संपत्ति नीलामी का नोटिस मिलने पर उडे़ महिला के होश

अलीगढ़ से धोखाधड़ी का सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां एक महिला ने अपने पति और केनरा बैंक के अधिकारियों पर धोखाधड़ी आरोप लगाया है. महिला का आरोप है कि फर्जी दस्तखत के जरिये 10 करोड़ रुपये लोन ले लिया गया और पति 5 करोड़ रुपये हड़प भी लिया. महिला के मुताबिक, बैंक से संपत्ति कुर्की के नोटिस के बाद इसका खुलासा हुआ है. महिला ने एसएसपी से मामले में कार्रवाई की मांग की है.

दरअसल, पूरा मामला अलीगढ़ का है जहां मौजूद Canara Bank की अलीगढ़ स्थित केला नगर शाखा के अधिकारी, शहनवाज खान तारिन तथा नदी तारिन एजुकेशन सोसाइटी के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में अलीगढ़ एसएसपी को शिकायत दी गई है.

‘धोखधड़ी कर संपत्ति को बैंक में रखा गिरवी’

शिकायतकर्ता महविश खान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके नाम पर बिना जानकारी और बिना हस्ताक्षर के 5.5 करोड़ रुपये के बैंक लोन में उन्हें गारंटर दिखा दिया गया और उनकी अलीगढ़ स्थित करोड़ों रुपये की संपत्ति को बैंक में बंधक (मॉर्गेज) कर दिया गया. महविश खान के अनुसार, वह मकान संख्या 4/1482-A (अल-रबह), जामिया उर्दू रोड, दोधपुर, अलीगढ़ की मालिक/सह-मालिक हैं, जो 2006 की रजिस्टर्ड सेल डीड से उनके नाम है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में नदीम तारिन एजुकेशन सोसाइटी के नाम पर लिए गए 5.5 करोड़ रुपये के लोन में बैंक अधिकारियों और उनके पति शहनवाज खान ने मिलीभगत करके उन्हें गारंटर बना दिया और 10 करोड़ की लोन सेसन कराली और जिसके बाद साढे 5 करोड़ रुपये निकालकर खर्च भी कर लिए और लोन का पैसा जमा भी नही किया. इसी के चलते बैंक ने उनकी संपत्ति को बंधक कर दिया, जबकि वह उस समय अलीगढ़ में मौजूद ही नहीं थीं.

नीलामी नोटिस मिलने पर उड़े महिला के होश

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त लोन की किश्तें जानबूझकर नहीं भरी गईं, जिससे खाता एनपीए हो गया और बाद में बैंक ने संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसकी जानकारी उन्हें 2025 में अखबार में प्रकाशित नीलामी नोटिस से मिली. महविश खान ने आरोप लगाया है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर करके दस्तावेज तैयार किए गए और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से उनकी संपत्ति को सिक्योर्ड एसेट दिखाकर लोन लिया गया. 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोसाइटी के नाम पर लिया गया पैसा निजी कामों में इस्तेमाल किया गया, जो मनी लोन्ड्रिंग का मामला भी हो सकता है. शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि केनरा बैंक के संबंधित अधिकारियों, शहनवाज खान तारिन तथा नदीम तारिन एजुकेशन सोसाइटी के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर फर्जी दस्तावेज जब्त किए जाएं, फॉरेंसिक जांच कराई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

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