औलाद ही जब जान की दुश्मन बन जाए तो माता-पिता कहां जाएंगे? मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक पिता दिन-रात मेहनत कर खेतों की फसल तैयार करता रहा, ताकि परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ पत्नी की दवाएं आ जाएं, लेकिन कलयुगी बेटों ने फसल बेचने के बाद ना पैसा दिया और न ही अपनी मां को दवा दिलाईं.
ऐसे में जब पिता ने इन बेटों से कारण पूछा तो गुस्से में आकर दोनों बेटों ने पिता को बेरहमी से पीट दिया. इसके बाद घायल पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया. मामला पुलिस के संज्ञान में आते ही एक टीम पीड़ित पिता से मिलने अस्पताल पहुंची. वहां पिता के बयान के आधार पर बेटों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. पुलिस बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की कार्रवाई करेगी.
फसल बेचकर लौटे बेटे, पिता ने दवा लाने को कहा
इस मामले की जानकारी देते हुए उमरेठ पुलिस ने बताया कि डोमरी निवासी 40 वर्षीय नरेश पिता धीरजचंद चंद्रवंशी को घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पीड़ित नरेश के अनुसार उसने तरबूज की फसल लगाई थी, जिसे तैयार होने के बाद उसके बेटे बेचने गए थे. फसल बेचने के बाद जब वो घर आए तो पिता ने कहा कि फसल बेचकर जो पैसा आया है उससे मां की दवाएं ले आओ.
पिता की शिकायत पर बेटों के खिलाफ केस
मां की दवा लाने की बात पर दोनों बेटों प्रहलाद और विश्राम ने पिता से झगड़ा किया. झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों मारपीट पर उतर आए. प्रहलाद और विश्राम ने पिता को बेरहमी से पीटा जिससे उन्हें गंभीर चोट आई हैं और उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, इस मामले पर पुलिस ने पिता के बयानों के आधार पर दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज क लिया है.