पश्चिम बंगाल में दो चरण में चुनाव होने वाले हैं जिसको लेकर चुनावी रैलियां, सभाओं का दौर बंगाल में जारी है. इसी बीच वाराणसी के बंगाली टोला में पीढ़ियों से रहने वाले पश्चिम बंगाल के लोग भी आगामी चुनाव को लेकर बेहद उत्सुक हैं.
उनका कहना है कि इस बार मुकाबला बेहद कांटेदार होगा. बंगाल के स्थानीय मुद्दे के साथ-साथ घुसपैठियों का मुद्दा, SIR में वोटर लिस्ट से गायब हुए मतदाताओं का विषय प्रभावी रहने वाला है. इसी को लेकर एबीपी लाइव ने वाराणसी के बंगाली टोला में बंगाल से आए लोगों से खास बातचीत की.
SIR की वजह से सीट के अनुसार पार्टियों को मिलेगा लाभ
पश्चिम बंगाल से वाराणसी के बंगाली टोला में पीढ़ियों से आकर रहने वाले चंद्रनाथ मुखर्जी ने बातचीत के दौरान कहा कि इस बार पार्टियों के बीच मुकाबला काफी कांटेदार होगा. SIR प्रक्रिया के बाद अलग-अलग पार्टियों को इसका लाभ मिलेगा, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. बंगाल में घुसपैठियों का मुद्दा भी चुनाव पर असर दिखाएगा.
जबकि बंगाल चुनाव पर तनुश्री मुखर्जी का कहना है कि – हमारे लिए सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है. उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था बाकी राज्यों के लिए एक उदाहरण है और निश्चित ही वहां पर भी महिलाओं के लिए ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे वह रात हो या दिन कभी भी घर में या बाहर अपने आप को सुरक्षित महसूस करें.
‘बेरोजगारी से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक के मुद्दे पर वोट करेगी जनता’
क्या भारतीय जनता पार्टी सांप्रदायिकता को बढ़ावा देती है, इन सवालों का जवाब देते हुए श्यामल चक्रवर्ती ने कहा कि अब वहां के वोटर सब कुछ समझ चुके हैं. तृणमूल कांग्रेस वाले भी जय श्री राम का नारा लगाते हैं. यह वहां पर समय के साथ बदलाव को दर्शाता है. बेरोजगारी से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर सभी मुद्दों के आधार पर जनता वोट करेगी.
फिलहाल, वाराणसी में रहने वाले पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से बातचीत के बाद एक बात स्पष्ट है कि दूसरे राज्यों से बंगाल जाकर वोट करने वाले मतदाता किसी बात को लेकर जल्दीबाजी की स्थिति में नहीं है, वह अपने प्रमाणिकता को लेकर निश्चिंत हैं.