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Jammu Kashmir News: कश्मीर के मंदिरों पर कब्जा, अब प्राइवेट मेंबर बिल से होगा समाधान, विधायक बलवंत सिंह का बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर में मंदिरों और उनकी जमीन पर हुए कब्जों को हटाने के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाने के मुद्दे पर चेनानी-घोरडी के विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने बयान देते हुए कहा कि 1987 के उग्रवाद के दौर के बाद कश्मीर और जम्मू संभाग के कई इलाकों से हिंदुओं को बड़े पैमाने पर भागना पड़ा. इसका सीधा असर मंदिरों पर पड़ा, क्योंकि न तो उनकी देखभाल के लिए पुजारी बचे और न ही नियमित रूप से दर्शन करने वाले लोग.

बिल का उद्देश्य, मंदिरों की संपत्तियों को वापस लौटाना

उन्होंने बताया कि इन हालात का फायदा उठाकर कई लोगों ने मंदिरों और उनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर लिया, जिससे धार्मिक स्थलों की स्थिति और भी खराब हो गई. इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी समय-समय पर निर्देश दिए गए कि इन संपत्तियों को वापस लेकर संबंधित मंदिर ट्रस्टों को सौंप दिया जाए. हालांकि, बलवंत सिंह के अनुसार, सरकार को इस दिशा में जैसा निर्णय लेना चाहिए था, उन्होंने वैसा कोई ठोस या प्रभावी निर्णय नहीं लिया.

इसी कारण उन्हें लगा कि इस मु्द्दे पर एक स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की होनी चाहिए. जिस वजह से इस प्रस्तावित बिल का उद्देश्य यही है कि मंदिरों की संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उन्हें मंदिर ट्रस्टों या संबंधित समितियों को वापस सौंपा जा सके, ताकि धार्मिक संस्थाओं का संरक्षण सुनिश्चित हो सके.

‘भारत आतंकवाद को दोबारा पनपने नहीं देगा’

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसमें पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थ भूमिका पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने जिस तरह का माहौल पूरे देश और खासकर कश्मीर में बनाया, वह बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर में जवाब दिया था, उसके बाद भविष्य में उसकी हालात ओर भी खराब होने वाली है. मनकोटिया ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा और किसी भी आतंकी ठिकाने को दोबारा पनपने नहीं देगा.

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