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Bihar News: पूर्णिया में रामनवमी शोभायात्रा में सांसद पप्पू यादव ने भांजी लाठी, वीडियो हुआ वायरल

रामनवमी के पावन अवसर पर देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल था. बिहार के पूर्णिया में भी इसका जोरदार जश्न मनाया गया. इस मौके पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा में पूर्णिया के सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव एक बेहद अनोखे और ऊर्जावान अवतार में नज़र आए. 

उन्होंने न केवल भक्तों के साथ मिलकर जय श्री राम के नारे लगाए, बल्कि सड़क पर उतरकर पारंपरिक लाठी भांजकर सबका मन मोह लिया. उनका यह अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

लाठी चलाने का शानदार प्रदर्शन

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पप्पू यादव ने इस विशेष अवसर के लिए एक हल्का गुलाबी रंग का सूट पहना है और गले में पीला-लाल रंग का पारंपरिक दुपट्टा डाला हुआ है. काले जूते पहनकर उन्होंने बड़ी कुशलता से बांस की लंबी लाठी को अपने सिर के ऊपर और चारों तरफ घुमाया. उनकी इस फुर्ती और कला को देखकर भीड़ में मौजूद लोग हतप्रभ रह गए. वहां मौजूद सैकड़ों लोग, जिनमें कई ने भगवा दुपट्टा और टी-शर्ट पहन रखी थी, “पप्पू यादव जिंदाबाद” और “जय श्री राम” के नारों से माहौल को गूंजा दिया. उनके इस प्रदर्शन ने जुलूस में उत्साह को दोगुना कर दिया.

पूर्णिया की सड़कों पर उत्साह और सद्भाव का संगम

पूर्णिया में रामनवमी की शोभायात्रा एक ऐतिहासिक आयोजन बन गई. विभिन्न संगठनों और मंदिरों द्वारा निकाली गई इस झांकी में हजारों लोग शामिल हुए. पप्पू यादव के लाठी भांजने के बाद, उन्होंने जुलूस में मौजूद अन्य लोगों का भी अभिवादन किया और सबको बधाई दी. इस दौरान पूरे शहर को फूलों, झंडों और तोरणों से सजाया गया था. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और पुलिस की टीमें पूरी सक्रियता से काम कर रही थीं. यह आयोजन शहर में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सद्भाव का एक अनूठा उदाहरण बन गया.

जनता के बीच घुलमिल जाने वाले नेता

पप्पू यादव अपनी बेबाकी और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने के लिए जाने जाते हैं. चाहे वह बाढ़ की आपदा हो, कोई व्यक्तिगत दुख-सुख का मौका या फिर कोई त्यौहार, वह हमेशा लोगों के साथ खड़े नज़र आते हैं. रामनवमी के जुलूस में लाठी भांजना भी इसी बात का सबूत है कि वह खुद को जनता से अलग नहीं मानते. उन्होंने इस पारंपरिक कला के माध्यम से न केवल अपनी शारीरिक क्षमता दिखाई, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश भी दिया.

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