उत्तर प्रदेश में बीते एक दशक से वाराणसी व्यापार पर्यटन और राजनीति का प्रमुख केंद्र रहा है और दिनों दिन इसमें नई कड़ियां जुड़ती गई है. अब मार्च महीने के अंतिम दिनों में वाराणसी में मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निवेश निर्यात ओडीओपी शिल्प और दोनों राज्यों के पर्यटन को एक नई ऊंचाई प्रदान की जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री के अलावा इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल होंगे.
इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इससे न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि संस्कृति का भिया आदान-प्रदान होगा. कार्यक्रम को लेकर व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन
एबीपी न्यूज़ को वाराणसी के पर्यटन अधिकारी की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार 31 मार्च को वाराणसी में एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाना तय किया गया है. इसको लेकर बातचीत और तैयारियां अंतिम दौर में है, बैठकों का दौर भी लगातार जारी है. इस आयोजन के माध्यम से दोनों प्रदेश के बीच निवेश निर्यात ओडीओपी और पर्यटन को दोनों राज्यों के आपसी सहयोग के साथ किस तरह बढ़ावा दिया जाए , इस पर चर्चा होगी .विशेष तौर पर इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे .
यह सहयोग सम्मेलन एक नया मॉडल पेश करेगा
इस मामले के एक्सपर्ट लोगों का कहना है कि इस सहयोग सम्मेलन के माध्यम से दोनों राज्यों के पर्यटन क्षेत्र व्यापार और वहां के सांस्कृतिक धरोहर को पहचानने का एक बेहतर अवसर प्रदान होगा. विशेष तौर पर यह दोनों राज्य अपने प्राचीन विरासत पर्यटन और वर्तमान समय में बढ़ते निवेश उद्योग के लिए पहचाने जा रहे है और यह सम्मेलन इन दोनों प्रदेशों के विकास को एक नया मॉडल प्रदान करेगा.