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Dehradun: एचओडी की प्रताड़ना से हारी अंबाला की होनहार डॉक्टर, कार में खुद को इंजेक्शन लगाकर दी जान

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां नेत्र विज्ञान विभाग (Ophthalmology) से एमएस (MS) कर रही 26 वर्षीय डॉ. तन्वी ने कथित तौर पर अपनी नई HOD की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.

24 मार्च की रात तन्वी अपनी कार में बेसुध मिलीं, जिनके हाथ में कैनुला लगा था और पास में खाली बोतलें व इंजेक्शन पड़े थे. जुलाई में जिसकी MS की डिग्री पूरी होने वाली थी, वह होनहार डॉक्टर सिस्टम और कथित मानसिक प्रताड़ना के आगे हार गई.

नई HOD के आने के बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर

हरियाणा के अंबाला की रहने वाली डॉ. तन्वी पहली कक्षा से लेकर MBBS तक टॉपर रही थीं. पिता डॉ. ललित मोहन के अनुसार, तन्वी की पढ़ाई दिसंबर 2025 तक बिल्कुल सही चल रही थी. लेकिन विभाग में डॉ. प्रियंका गुप्ता के नई HOD बनने के बाद से ही तन्वी को निशाना बनाया जाने लगा. पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • नंबर काटना और धमकियां: पुरानी HOD से संपर्क रखने पर पाबंदी लगाई गई और लॉग बुक में बिना वजह नंबर काटे जाने लगे. फाइनल एग्जाम में फेल करने की धमकियां दी गईं.
  • अवैध पैसों की मांग: पूरी फीस जमा होने के बावजूद तन्वी से अलग से पैसों की मांग की गई.

पिता के अनुसार, पिछले चार महीनों में वे खुद 3-4 बार कॉलेज जाकर HOD से मिले और बेटी के भविष्य से खिलवाड़ न करने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

वो खौफनाक रात और पिता का संघर्ष

24 मार्च की शाम तन्वी नाइट शिफ्ट के लिए निकली थीं. रात सवा ग्यारह बजे उन्होंने मां को मैसेज किया कि वह डेढ़ घंटे में घर पहुंचेंगी. कॉल की जगह मैसेज देखकर परिजनों को चिंता हुई. पिता ललित मोहन तुरंत अंबाला से गाड़ी लेकर देहरादून के लिए निकल पड़े. रात करीब 2:30 बजे वे कॉलेज पहुंचे और बेटी की तलाश शुरू की. सड़क किनारे तन्वी की कार खड़ी दिखी. अंदर झांकने पर बेटी ड्राइविंग सीट पर बेसुध पड़ी थी और कार अंदर से लॉक थी. पिता ने पत्थर से शीशा तोड़कर बेटी को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, जहां 25 मार्च की सुबह करीब 3 बजे डॉक्टरों ने तन्वी को मृत घोषित कर दिया.

HOD पर FIR दर्ज, अग्रिम जमानत की जुगत

पिता की तहरीर पर देहरादून पुलिस ने आरोपी डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत FIR दर्ज कर ली है. इस धारा में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है.

सीओ पटेलनगर अंकित कंडारी ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी डॉक्टर ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी लगाने की तैयारी शुरू कर दी है.

अंबाला में दी गई अंतिम विदाई

गुरुवार (26 मार्च) सुबह अंबाला सिटी के रामबाग में डॉ. तन्वी का नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया. जिस पिता ने बेटी को डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोया था, उसी पिता ने आज भारी मन से अपनी बेटी की चिता को मुखाग्नि दी.

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