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‘कांशीराम के लिए कई बार मांगा था भारत रत्न, कभी नहीं दिया’, कांग्रेस पर जमकर बरसे मायावती के नेता

गाजीपुर में आयोजित होली और ईद मिलन समारोह कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता फैजान खान बतौर मेहमान के रूप में शामिल हुए. इस दौरान उनसे कई राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत की गई जिसपर उन्होंने खुलकर जवाब दिया. 

वाराणसी-मथुरा सहित कई जिलों में हुई हत्याओं के मामले में बसपा नेता फैजान खान ने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर पूरे प्रदेश में त्राहिमाम मचा हुआ है. लोगों की ख्वाहिश है कि एक बार फिर से बहन मायावती जी आ जाएं और फिर से इस तरह का राज आज आए. ऐसे में हम 2027 में पुरजोर तरीके से चुनाव लड़ेंगे और पांचवीं बार मायावती को मुख्यमंत्री बनाएंगे.

सपा और कांग्रेस पर फैजान खान का हमला 

पिछले दिनों कांशीराम जयंती पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की एंट्री और भारत रत्न पर सियासत के मामले पर फैजान खान ने कहा कि सब इसी तरह से हो जाए तो फिर चुनाव की जरूरत क्या है? चुनाव तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया रह गई है लेकिन आप सभी लोग बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा से जुड़ते नजर आ रहे हैं. कांशीराम जी जिस विचार को लेकर चले थे उसी तर्ज पर सभी लोग चलने लगे हैं. पूर्व में इन लोगों को बातें समझ में नहीं आई थीं. ऐसे में अब सभी लोग बहुजन समाज पार्टी के नीचे आ जाएं और फिर PDA  के नाम पर लोगों को बांटने की जरूरत ही क्या है?

कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग मायावती के साथ ही राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के द्वारा उठाई गई थी. इसपर फैजान खान ने कहा कि यह बात राहुल गांधी को समझ में आनी चाहिए. उन्होंने पहले भी कई बार गलतियां की हैं. आपने देखा था कि किस तरह से उन्होंने लालू प्रसाद यादव का पर्चा पढ़ा था और फिर उन्हीं लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर इंडी गठबंधन बना लिया. कांग्रेस सरकार में ही कई बार अपील की गई थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने नहीं भारत रत्न नहीं दिया. 

‘भारत का कौन सा मुसलमान जिन्ना को अपना मानता है?’

जम्मू यूनिवर्सिटी के सिलेबस से जिन्ना के पाठ्यक्रम को हटाने के मामले पर कहा कि बीजेपी की राजनीति ही है हिंदू मुस्लिम, भारत-पाकिस्तान पर सियासत करने की. इसी तर्ज पर उन्होंने जिन्ना को भी घसीट लिया. हिंदुस्तान का कौन सा ऐसा मुसलमान है जो जिन्ना को अपना मानता है? लेकिन BJP वाले भ्रष्टाचार, महंगाई और अन्य बातों से ध्यान भटकाने के लिए कभी SIR तो कभी जिन्ना को लेकर चले जाते हैं.

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