शेयर बाजार (Stock Market) में रातों-रात मोटा मुनाफा कमाने की चाहत लोगों को साइबर ठगों का आसान शिकार बना रही है. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ऐसे ही एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए फर्जी स्टॉक टिप्स देकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहा था.
पुलिस ने इस नेटवर्क के एक अहम सदस्य, अनिरुद्ध प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है. वह एक कंपनी सेक्रेटरी (CS) का छात्र है और ठगों को फर्जी कंपनियां तथा बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था.
कैसे बिछाया गया ठगी का जाल?
इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मुनीश चंद्र नामक एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. ठगों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे 6.83 लाख रुपये की ठगी की थी. आरोपियों ने खुद को ‘न्यू बेरी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और मुनीश को एक व्हाट्सऐप (WhatsApp) ग्रुप में जोड़ लिया. इस ग्रुप में लगातार फर्जी स्टॉक टिप्स (Stock Tips) और मार्केट एनालिसिस रिपोर्ट भेजकर पीड़ित का भरोसा जीता गया और फिर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए गए.
IPO का झांसा और शेल कंपनियों का खेल
दिल्ली पुलिस की जांच में साइबर ठगी के कई चौंकाने वाले तरीके सामने आए:
- यह गिरोह लोगों को नए आईपीओ (IPO) में निवेश का झांसा देता था.
- ठग पीड़ितों के पोर्टफोलियो में फर्जी एंट्री दिखाते थे ताकि उन्हें लगे कि उनका पैसा बढ़ रहा है और वे रकम निकालने की कोशिश न करें.
- टेक्निकल जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा ‘ट्रेवांटा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के बैंक खाते में भेजा गया था, जो असल में सिर्फ कागजों पर चलने वाली एक शेल (Shell) कंपनी थी.
गुरुग्राम से हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की टीम ने बैंक लेनदेन, मोबाइल डेटा और डिजिटल फुटप्रिंट (Digital Footprint) का बारीकी से विश्लेषण किया और आरोपी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की लोकेशन गुरुग्राम में ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है, जिनका इस्तेमाल फर्जी बैंक खातों को ऑपरेट करने में किया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक, अब तक इस गिरोह से जुड़ी 18 शिकायतें सामने आ चुकी हैं. फिलहाल पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और ठगी गई बाकी रकम को रिकवर करने के लिए जांच तेज कर दी गई है.