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ईद पर हाजी मलंग दरगाह में उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब, ट्रॉली स्टेशन पर घंटों फंसे रहे लोग

ईद के मुकद्दस मौके पर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित कलंदर हाजी मलंग बाबा की दरगाह पर जायरीनों (श्रद्धालुओं) का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. त्योहार के उत्साह और बाबा के प्रति गहरी आस्था के चलते मुंबई, ठाणे और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में लोग एक साथ जियारत के लिए पहुंच गए.

इस अप्रत्याशित भीड़ के कारण पहाड़ी पर स्थित दरगाह तक जाने वाली फ्यूनीकुलर ट्रॉली (Funicular Trolley) सेवा पर इतना भारी दबाव पड़ा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. ट्रॉली स्टेशन पर मची अफरा-तफरी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

ट्रॉली स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं

हाजी मलंग बाबा की यह ऐतिहासिक दरगाह कल्याण में समुद्र तल से लगभग 790 मीटर की ऊंचाई पर एक दुर्गम पहाड़ी (मलंग गढ़) पर स्थित है. वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रॉली स्टेशन और उसके वेटिंग एरिया में खचाखच भीड़ भरी है और पैर रखने तक की जगह नहीं बची है.

आम दिनों में ट्रॉली सेवा बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए पहाड़ी चढ़ने का एक सुविधाजनक माध्यम है, लेकिन ईद के दिन क्षमता से कई गुना अधिक लोगों के पहुंचने से यहां घंटों का वेटिंग टाइम हो गया. भीड़ का दबाव इतना ज्यादा था कि कई बार स्टेशन पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई.

घंटों का इंतजार और पैदल चढ़ने की मजबूरी

ट्रॉली की सीमित क्षमता और हजारों की भीड़ के कारण जायरीनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. अपनी बारी आने के लिए लोगों को तपती गर्मी और उमस के बीच घंटों तक कतारों में खड़ा रहना पड़ा. जब इंतजार बर्दाश्त से बाहर हो गया, तो सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रॉली का मोह छोड़कर पैदल ही इस दुर्गम और ऊंची पहाड़ी को चढ़ने का कठिन विकल्प चुना. पैदल मार्ग पर भी भारी भीड़ के कारण लोगों को चढ़ाई करने में सामान्य से दोगुना समय लगा.

सुरक्षाकर्मियों के छूटे पसीने

इतनी बड़ी संख्या में एक साथ पहुंचे जायरीनों को नियंत्रित करना स्थानीय प्रशासन और दरगाह प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया. स्थिति को संभालने और किसी भी अनहोनी को टालने के लिए वहां तैनात पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और निजी गार्ड्स को भारी मशक्कत करनी पड़ी. सुरक्षाकर्मियों ने बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को रोकने और कतारबद्ध करने का प्रयास किया.

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग ऐसे बड़े त्योहारों के दौरान तीर्थ स्थलों पर बेहतर ‘क्राउड मैनेजमेंट’ (Crowd Management) और आपातकालीन सुविधाओं को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके.

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