आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर काम जल्दी करने की आदत आम होती जा रही है, जल्दी खाना, जल्दी सोचना एक साथ कई काम करना और हमेशा अगले काम की टेंशन में रहना यह सब धीरे-धीरे हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है. बाहर से यह आदत भले ही आपको प्रोडक्टिव दिखाई दे, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर पर इसका नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार जल्दबाजी में रहना शरीर में लंबे समय तक स्ट्रेस की कंडीशन में बनाए रखता है, जिसे दिल, पाचन तंत्र और हार्मोनल बैलेंस पर असर पड़ता है.
हमेशा जल्दी में रहना आखिर होता क्या है?
जल्दी में रहना सिर्फ देर होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आदत बन जाती है. इसमें लोग जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं, आराम करते हुए भी दिमाग में अगले काम के बारे में सोचते रहते हैं और शरीर को आराम देने का मौका नहीं देते हैं. इससे धीरे-धीरे शरीर के नेचुरल रिदम बिगड़ जाती है, जहां एक्टिविटी और आराम का संतुलन होना चाहिए.
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जल्दबाजी से दिल पर पड़ता है सीधा असर
डॉक्टरों के अनुसार जब इंसान हर समय जल्दी में रहता है तो शरीर इसे तनाव की स्थिति मानता है. इससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ता है. लंबे समय तक ऐसा होने पर दिल पर दबाव बढ़ता है और फ्यूचर में हाई ब्लड प्रेशर या दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही शरीर की स्ट्रेस को संभालने की क्षमता भी कमजोर होने लगती है, जिससे दिल की सेहत पर लगातार असर पड़ता है.
पाचन तंत्र और हार्मोनल बैलेंस पर पड़ता है असर
जल्दबाजी का सबसे बड़ा असर पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है. जब आप जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो शरीर सही तरीके से खाना पचाने के लिए तैयार नहीं होता है. ऐसे में खाना ठीक से चबाया नहीं जाता. पेट में एसिड ज्यादा बनने लगता है और खून का प्रभाव भी पाचन तंत्र की बजाय शरीर के दूसरे हिस्से में चला जाता है. यही वजह है कि ऐसे लोगों को अक्सर पेट फूलना, गैस, एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्या होने लगती है. वहीं लंबे समय में यह समस्या और गंभीर भी हो सकती है. इसके अलावा लगातार जल्दी में रहने से शरीर के स्ट्रेस हार्मोन जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन का लेवल बढ़ा रहता है. इससे शरीर का हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है, इसका असर इंसुलिन थाॅयराइड और भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन पर पड़ता है. यही कारण है कि ऐसे लोगों को बार-बार भूख लगना थकान महसूस होना, नींद पूरी न होना और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होने लगती है.
क्यों जरूरी है रफ्तार धीमी करना?
डॉक्टरों के अनुसार शरीर लगातार जल्दबाजी के लिए नहीं बना है. उसे बीच-बीच में आराम की जरूरत होती है, छोटे-छोटे ब्रेक लेना, आराम से खाना खाना और पर्याप्त नींद लेना शरीर के लिए जरूरी है. धीरे-धीरे किए गए छोटे बदलाव जैसे बिना किसी डिस्ट्रेक्शन के खाना खाना, काम के बीच में ब्रेक लेना और गहरी सांस लेना शरीर को संतुलन में वापस लाने में मदद करते हैं. वहीं जल्दबाजी में रहने की आदत को बदलने के लिए बड़े बदलाव जरूरी नहीं है. आपकी लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी काफी असर डालते हैं जैसे खाना खाते समय फोन से दूर रहना, काम के बीच कुछ मिनट का ब्रेक लेना और रोजाना ठीक से नींद लेना यह सभी आदतें आप पर बड़ा असर डाल सकती है.
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