गर्मी का मौसम कई लोगों के लिए सिर्फ तपिश और धूप लेकर आता है, लेकिन यह कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है. जब शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, तो उसे हीट स्ट्रोक कहा जाता है. हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है और अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह व्यक्ति की मौत तक का कारण बन सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि हीट स्ट्रोक से किसी की मौत कैसे हो जाती है. हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है.
हीट स्ट्रोक से किसी की मौत कैसे हो जाती है?
जब शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, तो शरीर अपने आप को ठंडा करने में असफल हो जाता है. इस स्थिति में सबसे पहले दिमाग, हार्ट और किडनी प्रभावित होते हैं. ज्यादा गर्मी दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है. इससे भ्रम, दौरे, कोमा या मानसिक नियंत्रण खोने जैसी स्थितियां पैदा होती हैं. शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट ज्यादा काम करता है, जिससे दिल की धड़कन तेज और कमजोर हो सकती है. ज्यादा गर्मी के कारण अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं. अगर शरीर का तापमान लंबे समय तक बहुत ज्यादा रहता है और समय पर इलाज न किया जाए, तो ये जरूरी अंग पूरी तरह खराब हो जाते हैं. इसी कारण धीरे-धीरे शरीर का संतुलन बिगड़ता है और मौत हो जाती है.
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
हीट स्ट्रोक का सबसे पहला और प्रमुख लक्षण शरीर का बहुत ज्यादा गर्म होना है. इसके अलावा अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं. जैसे मानसिक बदलाव, भ्रम, बेचैनी, अस्पष्ट वाणी, दौरे या कोमा, कभी स्किन गर्म और सूखी, कभी ज्यादा पसीना आ सकता है, पेट दर्द या उल्टी महसूस होना, स्किन का लाल होना और तेज धड़कन,सिरदर्द और तेज सांसें. अगर कोई व्यक्ति इन लक्षणों से पीड़ित है, तो तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए.
हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय
1. ढीले-ढाले और हल्के कपड़े पहनें.
2. धूप से बचाव करें. टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन लगाएं.
3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं.
4. खड़े वाहन में किसी को अकेला न छोड़ें.
5. दिन के गर्म समय में भारी एक्टिविटी से बचें.
6. धीरे-धीरे गर्म मौसम के लिए शरीर को अनुकूल बनाएं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.