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माउथवॉश मिथ्स: क्या यह सच में मुंह को स्वस्थ बनाता है या सिर्फ बुरी सांस छुपाता है?

आजकल माउथवॉश हर किसी के घर में आम हो गया है. दुकानों में कई तरह के माउथवॉश मिलते हैं. कुछ सांस ताजा करने वाले, कुछ दांत मजबूत करने वाले और कुछ सिर्फ खुशबू वाले, लेकिन सवाल यह है कि क्या माउथवॉश सच में हमारी ऑरल हेल्थ के लिए जरूरी है या यह सिर्फ बुरी सांस छुपाने का ब्यूटी प्रोडक्ट है. डेंटल स्पेशलिस्ट कहते हैं कि इसका जवाब थोड़ा मुश्किल है और इसे समझने के लिए हमें माउथवॉश और मुंह के स्वास्थ्य के बारे में थोड़ा जानना चाहिए. तो आइए जानते हैं कि क्या माउथवॉश सच में मुंह को स्वस्थ बनाता है या सिर्फ बुरी सांस छुपाता है. 

क्या माउथवॉश सच में मुंह को स्वस्थ बनाता है?

माउथवॉश का मुख्य काम मुंह की बदबू को अस्थायी रूप से कम करना और कभी-कभी प्लाक या बैक्टीरिया को कम करना है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि माउथवॉश ब्रश करने और फ्लॉस करने का ऑप्शन नहीं है. यह सिर्फ इनकी मदद के लिए है. विशेषज्ञ मानते हैं कि सही तरीके से और सही समय पर इस्तेमाल करने से ही माउथवॉश फायदेमंद हो सकता है. 

मुंह में सूक्ष्मजीव और उनका महत्व

हमारे मुंह में 700 से ज्यादा तरह के सूक्ष्मजीव रहते हैं. ये हमारे लिए अच्छे भी होते हैं और कुछ हानिकारक भी, यह एक नाजुक संतुलन बनाए रखते हैं और हमारी इम्यूनिटी में मदद करते हैं, अगर यह संतुलन टूट जाए, तो मुंह में सूखापन, स्वाद में बदलाव और समय के साथ मुंह की कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए हर रोज बहुत ज्यादा माउथवॉश का इस्तेमाल करना सही नहीं है. 

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कौन सा माउथवॉश उपयोगी है?

डेंटल स्पेशलिस्ट के अनुसार, माउथवॉश का चयन सही फॉर्मूलेशन के अनुसार करना चाहिए.जैसे चिकित्सीय माउथवॉश क्लोरहेक्सिडाइन या एसेंशियल ऑयल युक्त माउथवॉश प्लाक और मसूड़ों की सूजन कम करने में मदद करते हैं. फ्लोराइड माउथवॉश दांतों के इनेमल को मजबूत करते हैं और कैविटी रोकते हैं. कई माउथवॉश सिर्फ अस्थायी सांस ताजा करने के लिए हैं, इनसे स्वास्थ्य लाभ कम मिलता है. 

माउथवॉश का सही इस्तेमाल

डेंटल स्पेशलिस्ट कहते हैं कि माउथवॉश को दिन में सिर्फ एक बार, दांत ब्रश करने के बाद ही इस्तेमाल करना चाहिए. लंबे समय तक या बार-बार इस्तेमाल करना मुंह के माइक्रोबायोटा को असंतुलित कर सकता है. इसलिए अल्कोहल-मुक्त फॉर्मूलेशन का इस्तेमाल करना बेहतर है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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