लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा एक आरोप के चलते सुर्खियों में है, डिजिटल क्रिएटर मान्या सिंह का आरोप है कि उन्हें इमामबाड़े में जाने इस वजह से रोका गया है कि उन्होंने हिजाब नहीं पहना था. अब इस मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है.
इस मामले पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मीडिया को बताया कि, “ये बेटी हमारे पास आई थी. मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए. बड़ा इमामबाड़ा के कर्मचारियों ने इस बच्ची के साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया और कहा कि हिजाब पहनकर ही आप बड़ा इमामबाड़ा आ सकते हैं. ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी.”
एक समाज को किया जा रहा टारगेट- अपर्णा यादव
अपर्णा यादव ने कहा कि, “यह घृणित कार्य सिर्फ एक समाज को टारगेट करने के लिए किया जा रहा है.” उन्होंने अपील की है कि “इस तरह का कृत्य न किया जाए, किसी की स्वेच्छा नहीं है, कोई आदमी कहीं घूमने गया है तो आप उसे बाध्य नहीं कर सकते हैं. ऐसे में बहुत ज्यादा समाज में डिवाइड रूल हो जाएगा.”
बच्चियों को टारगेट करना सरासर बदतमीजी- अपर्णा यादव
अपर्णा यादव ने इसे घृणित मानसिकता का कार्य बताया है. उन्होंने कहा कि, “ये उनकी आराजक सोच है, हिंदू-मुस्लिम बांटना चाहते हैं, माहौल खराब करना चाहते हैं. ये लोग बच्चियों को टारगेट कर रहे हैं. ये सरासर बदतमीजी है.” उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्रता करने की किसी ने परिमिशन नहीं दे रखी है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला लखनऊ स्थित बड़ा इमामबाड़ा से सामने आया है. डिजिटल क्रिएटर मान्या सिंह ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि, “इमामबाड़ा में कहा गया कि हिजाब पहनकर आओ.” मान्या सिंह का आरोप लगाया कि इमामबाड़े में कहा गया कि “इन लोगों को बाहर निकालो, बगैर हिजाब यहां आना मना है” मान्या सिंह के मुताबिक, इमामबाड़ा में मौजूद शख्स ने कहा दुपट्टा लेकर आओ. हालांकि, मान्या सिंह ने सवाल उठाए हैं कि “क्या पहनें और क्या नहीं, यह अब लोग तय करेंगे?”