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राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम पर जितेंद्र नारायण त्यागी का बयान- ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनना सौभाग्य

उत्तर प्रदेश में अयोध्या में आज श्री राम यंत्र स्थापना कार्य्रकम है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हैं. इसी बीच सिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी का बड़ा बयान सामने आया है, जो इस कार्यक्रम में आमंत्रित हैं और इसे ऐतिहासिक क्षण बता रहे हैं.

जितेंद्र नारायण त्यागी ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के इस कार्यक्रम में आमंत्रित होना उनके लिए गर्व की बात है और वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें श्री राम यंत्र स्थापना के साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में उन्होंने अपनी ओर से भूमिका निभाई और यह संघर्ष ‘हक की लड़ाई’ था, जिसमें अंततः सत्य की जीत हुई.

ट्रस्ट का जताया आभार

उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि जिस रूप में उन्होंने मंदिर की कल्पना की थी, उससे भी अधिक भव्य स्वरूप आज सामने है. उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट और समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सनातन धर्म के अनुयायियों को बधाई दी. त्यागी ने यह भी कहा कि राम मंदिर आंदोलन में जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, आज उनकी आत्माओं को शांति मिल रही होगी और उनके परिवारों को गर्व महसूस हो रहा होगा.

फतवों की फिक्र नहीं की

अपने धर्म परिवर्तन के बाद मिले विरोध और फतवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की और हमेशा अपने विचारों पर अडिग रहे. उनका कहना था कि सच के लिए आवाज उठाने वाले कभी खत्म नहीं होते. वाराणसी की हालिया घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे कट्टर मानसिकता से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट के मस्जिद निर्माण के आदेश पर भी उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि अयोध्या में पहले से कई मस्जिदें मौजूद हैं, ऐसे में नई मस्जिद के बजाय वहां अस्पताल या विश्वविद्यालय जैसे संस्थान बनाए जाने पर विचार होना चाहिए, जिससे सभी समुदायों को लाभ मिल सके.

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