दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में ईद की तैयारियां पूरे जोरों पर चल रही हैं. बाजारों में भीड़ है, दुकानों पर खरीदारी हो रही है और लोगों में त्योहार का उत्साह साफ दिख रहा है. लेकिन इस बार इस खुशी के माहौल पर एलपीजी गैस की कमी ने बड़ा असर डाला है. छोटे से लेकर बड़े दुकानदार तक इस संकट से जूझ रहे हैं.
रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
खाने-पीने का काम करने वाले कारोबारियों पर गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. रेस्टोरेंट चलाने वाले मोहम्मद बताते हैं कि पहले उन्हें आसानी से कई सिलिंडर मिल जाते थे, लेकिन अब एक सिलिंडर भी मुश्किल से मिल रहा है.
उनका कहना है कि मजबूरी में घर का सिलिंडर इस्तेमाल करना पड़ रहा है और परिवार को रिश्तेदारों के यहां भेजना पड़ा. उनका दर्द साफ झलकता है कि ईद का माहौल तो रहेगा, लेकिन कारोबार कमजोर पड़ गया है.
सेवइयों और मिठाइयों पर महंगाई की मार
ईद पर सबसे ज्यादा बिकने वाली सेवइयों की कीमत भी बढ़ गई है. पहले जो सेवइयां सस्ती मिलती थीं, अब उनके दाम बढ़ चुके हैं. दुकानदारों का कहना है कि गैस महंगी होने से लागत बढ़ गई है, इसलिए पुराने दाम पर सामान बेचना मुश्किल हो गया है.
मिठाइयों की दुकानों पर भी यही हाल है. शाही टुकड़ा जैसे पकवानों के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है. कई दुकानदारों ने तो कुछ आइटम बनाना ही बंद कर दिया है, क्योंकि उनमें ज्यादा गैस लगती है. इससे ग्राहकों की संख्या भी थोड़ी कम होती नजर आ रही है.
बिरयानी और कबाब भी हुए महंगे
जामा मस्जिद इलाके की मशहूर बिरयानी और कबाब भी अब पहले जैसे सस्ते नहीं रहे. चिकन, आटा और गैस तीनों की कीमत बढ़ने से खाने की लागत बढ़ गई है. कई दुकानदार अब गैस की कमी के कारण कोयले पर खाना बनाने लगे हैं, जिससे काम भी धीमा हो गया है.
बाजारों में ईद की रौनक बनी हुई है और लोग खरीदारी भी कर रहे हैं. लेकिन गैस की कमी ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है. अगर जल्द हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गहरी हो सकती है और इसका असर त्योहार के बाद भी देखने को मिल सकता है.