Skip to content

Maharashtra By Election: बारामती में शरद पवार की पार्टी के पीछे हटते ही सुनेत्रा पवार के खिलाफ उतरी कांग्रेस, खड़ा कर सकती है उम्मीदवार

महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है. पहले जहां इन सीटों को निर्विरोध कराने की चर्चा चल रही थी, वहीं अब कांग्रेस के रुख ने पूरी तस्वीर बदल दी है. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के बयान के बाद बारामती में मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है.

सुनेत्रा पवार की उम्मीदवारी पर सियासत तेज

बारामती सीट पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की तरफ से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है. वहीं सुप्रिया सुळे ने संकेत दिए थे कि शरद पवार गुट इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेगा. इसी बात पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और साफ कहा है कि गठबंधन में इस तरह का एकतरफा फैसला स्वीकार नहीं होगा.

विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट कहा कि अगर राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) चुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारने पर विचार करेगी. उनका कहना है कि यह फैसला महाविकास आघाड़ी के सिद्धांतों के खिलाफ है.

उन्होंने यह भी कहा कि जब पहले विलय और राजनीतिक फैसले लिए गए, तब कांग्रेस से चर्चा नहीं की गई. ऐसे में अब चुनाव के समय कांग्रेस को नजरअंदाज करना सही नहीं है.

त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

बारामती सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है. एक तरफ सुनेत्रा पवार, दूसरी तरफ कांग्रेस का संभावित उम्मीदवार और तीसरी तरफ ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

लक्ष्मण हाके ने कहा कि सुनेत्रा पवार को विधानसभा के बजाय विधान परिषद भेजा जाना चाहिए और बारामती से किसी नए चेहरे को मौका मिलना चाहिए.

उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम

बारामती और राहुरी उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. अधिसूचना 30 मार्च 2026 को जारी होगी. नामांकन की आखिरी तारीख 6 अप्रैल है, जबकि जांच 7 अप्रैल को होगी. उम्मीदवार 9 अप्रैल तक नाम वापस ले सकते हैं. मतदान 23 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. पूरी चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक खत्म हो जाएगी.

बारामती की सीट अब सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति का बड़ा टेस्ट बनती जा रही है. कांग्रेस के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में महाविकास आघाड़ी के भीतर खींचतान और बढ़ सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *