वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी कर नॉनवेज फेंकने के मामले में 14 युवकों की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है. यूपी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक जगह पर इस तरह खाना और प्रदर्शन करना ठीक नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि खाना घर या उचित स्थान पर बैठकर ही खाना चाहिए, नदी के बीच इस तरह का व्यवहार सही नहीं है.
Lucknow, Uttar Pradesh: On arrest of 14 youths in Varanasi for dumping non-veg food in River Ganga during Iftar party on boat, Minister Om Prakash Rajbhar says, “It’s better to eat at home; eating on a river or boat in public like that is not considered appropriate” pic.twitter.com/tbifQ8cRbX
— IANS (@ians_india) March 18, 2026
वाराणसी में क्या हुआ था?
दरअसल, वाराणसी में कुछ युवकों द्वारा नाव में बैठकर इफ्तार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद बवाल बढ़ गया है. वीडियो गंगा नदी के उपर नाव में बैठ कर बनायी गई है जिसमें कथित तौर पर नॉनवेज खाने के बाद उसकी हड्डियां गंगा में फेंकी गईं. इस घटना के सामने आते ही पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने लिखित शिकायत दी थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और वीडियो की पुष्टि की. आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 295A समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया. साथ ही जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है.
धार्मिक आस्था और बढ़ता आक्रोश
शिकायतकर्ता और हिंदू संगठनों ने इसे गंगा की पवित्रता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है. उनका कहना है कि मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. इस तरह मांस फेंकना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास है.